देहरादून : उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और क्षेत्र में उनकी स्थिति का आकलन करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी चुनाव से पहले मौजूदा विधायकों का एक फाइनल सर्वे कराने की तैयारी में है। इस सर्वे की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान तक पहुंचाई जाएगी और टिकट को लेकर आगे की रणनीति में इसे महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। हालिया मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सर्वे अक्टूबर में कराए जाने की तैयारी है।
छह बिंदुओं पर परखा जाएगा रिपोर्ट कार्ड
बताया जा रहा है कि फाइनल सर्वे में विधायकों की स्थिति को कई प्रमुख बिंदुओं के आधार पर परखा जाएगा। इनमें क्षेत्र में विधायक की लोकप्रियता जनता के बीच स्वीकार्यता विकास कार्यों और कामकाज का फीडबैक कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल तथा संगठन में सक्रियता जैसे पहलू शामिल हैं।
इसके अलावा संबंधित सीट पर मौजूदा विधायक की दोबारा जीत की स्थिति और यदि टिकट में बदलाव किया जाता है तो संभावित विकल्पों को लेकर भी फीडबैक लिए जाने की बात सामने आई है।
टिकट को लेकर विधायकों की बढ़ी चिंता
फाइनल सर्वे की कवायद से उन मौजूदा विधायकों के सामने भी चुनौती बढ़ सकती है जो अगला विधानसभा चुनाव अपने टिकट को लेकर आश्वस्त माने जा रहे हैं। हालांकि किसी विधायक का टिकट कटना या बरकरार रहना अभी तय नहीं है। अंतिम निर्णय पार्टी के स्तर पर सर्वे संगठनात्मक फीडबैक और अन्य राजनीतिक पहलुओं पर विचार के बाद लिया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले भी कह चुके हैं कि टिकट पर अंतिम फैसला केंद्रीय स्तर पर होता है। पार्टी की चुनावी तैयारियों में संगठन और सर्वे रिपोर्ट को भी महत्व दिए जाने की बात सामने आई है।
कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा की इस कवायद पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को सत्ता में करीब साढ़े नौ साल हो चुके हैं लेकिन जनता के सामने किए गए वादों के अनुरूप काम नहीं हुआ है।
बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से डबल इंजन सरकार का भरोसा दिया गया था लेकिन उनके अनुसार इसका अपेक्षित असर धरातल पर दिखाई नहीं दिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि जनता भाजपा सरकार और उसके विधायकों से नाराज है और आगामी चुनाव में इसका असर दिखाई देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल सर्वे या चुनावी रणनीति के जरिए जनता के बीच बनी नाराजगी को दूर नहीं किया जा सकता। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता कमलेश रमन ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को नकार दिया था और आगामी चुनाव में भी जनता अपना फैसला देगी।
रमन ने कहा कि भाजपा में टिकट का फैसला केवल किसी एक व्यक्ति के स्तर पर नहीं होता। सर्वे कोर कमेटी संगठन और कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक समेत विभिन्न स्तरों पर राय ली जाती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के सभी मौजूदा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे हैं।
2027 के लिए संगठन ने तेज की तैयारी
भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की बैठकों में विधायकों के कामकाज क्षेत्रीय सक्रियता और संगठन के साथ समन्वय की समीक्षा की जा रही है। हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि जिन विधानसभा सीटों पर पार्टी पिछले चुनाव में कमजोर रही थी वहां संगठन विशेष फीडबैक और जमीनी गतिविधियों पर ध्यान दे रहा है।
ऐसे में फाइनल सर्वे की रिपोर्ट आगामी चुनाव में भाजपा के मौजूदा विधायकों की उम्मीदवारी को लेकर होने वाली आंतरिक चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। हालांकि टिकट किसे मिलेगा और किस सीट पर बदलाव होगा इसका अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा बाद में किया जाएगा।