उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग अब फर्जी और बिना अनुमति के चल रहे अस्पतालों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त रुख अपना चुका है। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सख्त आदेशों पर लंढौरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर एक बड़ी छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण से अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाले संचालकों में दिन भर हड़कंप मचा रहा
अस्पतालों में भारी अनियमितताएं
हरिद्वार से पहुंचे अपर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर के नेतृत्व में स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने लंढौरा स्थित निम्नलिखित अस्पतालों पर अचानक छापा मारा जिनमें भारत हेल्थ केयर सुपर हेल्थ केयर निर्मला मैटरनिटी होम ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और
इंडियन नर्सिंग होम पर सील की कार्यवाई की गई। निरीक्षण के दौरान इन सभी अस्पतालों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। यहाँ ना तो योग्य डॉक्टर मौजूद थे और ना ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ। बिना डिग्री और प्रशिक्षण के ही मरीजों का इलाज किया जा रहा था यहाँ तक कि गंभीर रूप से डिलीवरी भी कराई जा रही थी। इसके अलावा अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट बायो-मेडिकल कचरा के निस्तारण और अग्निशमन मानकों का खुलेआम उल्लंघन पाया गया हैं
अल्ट्रासाउंड रूम किया सील
छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में सामने आया। यहाँ बिना किसी योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ के ही धड़ल्ले से मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे लोगों की जिंदगी के साथ बड़ा खिलवाड़ मानते हुए तत्काल अल्ट्रासाउंड रूम को सील कर दिया। अब इस अस्पताल पर PCPNDT Act गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
1 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड
स्वास्थ्य विभाग विभाग की टीम ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट नैदानिक स्थापना अधिनियम के तहत इन सभी अस्पतालों पर 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही इन सभी के चिकित्सालय पंजीकरण और आवेदनों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर ने सख्त लहजे में कहा की क्षेत्र में अब किसी भी तरह का स्वास्थ्य फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की सेहत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले जेल जाएंगे। अवैध अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।