चम्पावत : भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच एफएलसी मतदान स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन तथा फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 54-लोहाघाट एवं 55-चम्पावत में निर्वाचन संबंधी तैयारियां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से वर्तमान में संचालित ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा मशीनों की जांच की प्रक्रिया को समझने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट के संबंध में किसी भी प्रकार की शंका होने पर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ईसीआईएल से आए अधिकृत इंजीनियरों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं विश्वास को और मजबूती मिलेगी।
02 नवम्बर तक पूरा होगा मतदान स्थलों का युक्तिकरण
बैठक में मतदान स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि मतदान स्थलों के नाम में संशोधन स्थान परिवर्तन अथवा किसी मतदान स्थल में अन्य बदलाव से संबंधित प्रस्तावों की प्रक्रिया के बारे में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है। संबंधित उपजिलाधिकारियों द्वारा भी अपनी-अपनी तहसीलों में इस संबंध में जानकारी दी गई है।
उन्होंने बताया कि मतदान स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन का कार्य 02 नवम्बर 2026 तक पूर्ण किया जाना है। इस प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न किया जाएगा।
12 नवम्बर को प्रकाशित होगी आलेख्य मतदाता सूची
जिलाधिकारी ने फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारणी की जानकारी देते हुए बताया कि एकीकृत आलेख्य निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 12 नवम्बर 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 12 नवम्बर से 11 दिसम्बर 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी।
प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसम्बर 2026 तक किया जाएगा, जबकि निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 04 जनवरी 2027 को होगा।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 01 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पात्र नागरिकों का मतदाता के रूप में पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी 01 अप्रैल 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों युवाओं एवं पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों का पंजीकरण सुगम बनाना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची को अद्यतन रखने और पात्र नागरिकों का पंजीकरण कराने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग आवश्यक है।