पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सीधा तंज कसते हुए कहा है कि अगर गलती हुई थी तो माफी मांग लेना बेहतर होता।
‘ध्यान भटक गया था, सुधार तो लिया लेकिन माफी नहीं’—अखिलेश
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि “ज्ञान से बड़ी चीज ध्यान होती है, और ध्यान का मतलब फोकस है।” उन्होंने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि गलती सुधार ली गई, लेकिन उसके लिए खेद या माफी नहीं जताई गई, जो उचित होता।
‘क्षमा वीरस्य भूषणम्’ कहकर साधा निशाना
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि “क्षमा वीरों का आभूषण होता है”, और आगे कहा कि पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से यूपी की छवि पर असर पड़ता है।
क्या था पूरा विवादित बयान?
दरअसल, पश्चिम बंगाल की एक रैली में सीएम योगी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे को लेकर संदर्भ दिया था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने इसे ऐतिहासिक गलती बताते हुए तीखी आलोचना की थी। बाद में योगी ने किया था सुधार, लेकिन माफी नहीं मांगी विवाद बढ़ने के बाद सीएम योगी ने अपनी अगली रैली में सुधार करते हुए सही संदर्भ दिया, लेकिन पिछली गलती पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
सियासी वार-पलटवार से बढ़ा माहौल
इस पूरे मामले ने यूपी से लेकर बंगाल तक राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। बीजेपी और सपा के बीच बयानबाजी अब एक बार फिर आमने-सामने आ गई है।