चार धाम यात्रा को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने ग्रीन कार्ड योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने हवन-पूजन और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
परमिट के झंझट से राहत
मंत्री ने बताया कि ग्रीन कार्ड एक ऐसी आधुनिक सुविधा है जिससे ट्रैवल व्यवसायियों और यात्रियों को अलग-अलग परमिट और कागजी प्रक्रियाओं के झंझट से राहत मिलेगी। अब एक ही कार्ड के माध्यम से यात्रा से जुड़ी कई औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी जिससे समय की बचत होगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं ऐसे में उनकी सुविधा सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार किए जा रहे काम
इस मौके पर मंत्री प्रदीप बत्रा ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सरकार यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर एक आधुनिक सूचना केंद्र स्थापित किया जा रहा है जहां यात्रियों और ट्रैवल व्यवसायियों को मार्गदर्शन आवश्यक जानकारी और सहायता मिलेगी। इसके साथ ही वहां एक विश्राम केंद्र भी बनाया जा रहा है ताकि लंबी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आराम की सुविधा मिल सके। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड हमारी आस्था और श्रद्धा की भूमि है इसलिए यात्रा के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रकृति का सम्मान करेंगे तभी यह पवित्र धाम अपनी दिव्यता बनाए रख पाएंगे। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी के उस विजन का भी जिक्र किया जिसमें उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात कही गई है और कहा कि सरकार उसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है।