चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों के अनुभव को और समृद्ध बनाने के लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में अब उन्हें पहाड़ी स्वाद का अनूठा अनुभव मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और जिलाधिकारी सविन बंसल की निगरानी में नगर निगम ने यहां विशेष व्यवस्थाओं की स्थापना की है। इन व्यवस्थाओं के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए पारंपरिक उत्तराखंडी व्यंजन यात्रियों को परोसे जा रहे हैं।
यात्रियों को स्वादिष्ट भोजन का अनुभव
कैंप में परोसे जाने वाले व्यंजनों में उड़द दाल के पकोड़े कापली भात तिल की चटनी जंगोरे की खीर और मंडवे की रोटी जैसे स्थानीय और पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। इन व्यंजनों ने यात्रियों को न केवल स्वादिष्ट भोजन का अनुभव दिया है बल्कि उन्हें प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से भी जोड़ने का अवसर प्रदान किया है।
इस पहल का एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूह इन व्यंजनों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
यात्रियों ने की पारंपरिक व्यंजनों की सराहना
यात्रियों ने इन पारंपरिक व्यंजनों की खूब सराहना की है और इसे यात्रा का एक खास अनुभव बताया है। इस तरह यह पहल न केवल चारधाम यात्रा को यादगार बना रही है बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक और आर्थिक सशक्तिकरण में भी योगदान दे रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा सुरक्षा और संतोषजनक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए यह पहल लगातार जारी रहेगी और भविष्य में इसे और भी व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।