लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की हालिया मुलाकात के बाद इस संभावना को और बल मिला है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि सरकार चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए संगठन और सत्ता के बीच नया संतुलन बनाने की तैयारी में है।
दरअसल, योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम साल में है और अगले एक साल के भीतर विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में फेरबदल कर राजनीतिक और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि इस विस्तार में कुछ पुराने चेहरों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। इससे सरकार आगामी चुनावों से पहले पार्टी संगठन और सरकार दोनों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
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