लखनऊ। प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल तक लगभग 5.5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक का सत्यापित डिजिटल डाटाबेस तैयार कर लिया जाए। लोगों को समय पर जागरूक करने और सभी तैयारियों को निर्धारित समय में पूरा करने पर विशेष जोर दिया। किसी भी स्तर पर कोई खामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
7 मई से खुलेगा पोर्टल
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 16 अप्रैल से 7 मई के बीच सभी कर्मियों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। घनी आबादी, शहरी और झुग्गी क्षेत्रों में सटीक गणना पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी।
आम नागरिकों के लिए स्व-गणना पोर्टल 7 से 21 मई तक उपलब्ध रहेगा, जिससे लोग अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई।
कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
जनगणना-2027 में हाउस लिस्टिंग का काम 22 मई से शुरू होगा। इसको लेकर बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में फील्ड ट्रेनर्स के लिए रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नगर के सभी कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए, जिन्हें जनगणना कार्य में लगाया गया है। प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, तकनीकी पहलू और संभावित समस्याओं को विस्तार से समझाया गया।
सांख्यिकी अन्वेषक रमेश चंद्र पांडे, सहायक निदेशक उपासना गिरी और आईटीआई प्रवक्ता गौरव त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी केवल खुद सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें दूसरों को भी सही ढंग से प्रशिक्षित करना है। इस मौके पर नगर जनगणना अधिकारी ललित कुमार, नोडल अधिकारी अशोक सिंह और पूरी टीम मौजूद रही।