मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित ऐतिहासिक और विवादित आदिना मस्जिद के निकट भगवान आदि नाथ के विशाल शिवलिंग के पहुंचने से क्षेत्र में धार्मिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। करीब 290 किलोमीटर दूर हुगली जिले के प्रसिद्ध तारकेश्वर धाम से लाया गया यह शिवलिंग सोमवार को मालदा पहुंचा। शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 3.6 फीट और वजन करीब 1.5 टन बताया जा रहा है। शिवलिंग के आगमन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ यात्रा का स्वागत किया। मालदा पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान आदि नाथ का रुद्राभिषेक किया गया। कार्यक्रम के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
20 जुलाई को तारकेश्वर धाम से शुरू हुई थी धार्मिक यात्रा
हिंदू संगठनों के अनुसार भगवान आदि नाथ के शिवलिंग की यात्रा 20 जुलाई को तारकेश्वर धाम से विधि-विधान के साथ शुरू हुई थी। विशेष रूप से तैयार किए गए वाहन पर शिवलिंग को स्थापित कर मालदा के लिए रवाना किया गया। करीब 290 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान हुगली, बर्दवान और अन्य जिलों से गुजरते हुए कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का भी आयोजन किया गया। मालदा पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के बीच शिवलिंग का स्वागत किया। इसके बाद वैदिक परंपरा के अनुसार रुद्राभिषेक और विशेष पूजा संपन्न कराई गई। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया।
आदिना मस्जिद के पास स्थापना को लेकर बढ़ी चर्चा
भगवान आदि नाथ के शिवलिंग को आदिना मस्जिद के निकट लाए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह स्थान ऐतिहासिक रूप से आदि नाथ मंदिर से जुड़ा हुआ है और वे कानूनी प्रक्रिया के तहत मंदिर से जुड़े अपने दावों को आगे बढ़ाएंगे। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी न्यायालय या प्रशासन की ओर से कोई नया आदेश सामने नहीं आया है। फिलहाल शिवलिंग के आगमन और धार्मिक अनुष्ठान पर ही कार्यक्रम केंद्रित रहा। प्रशासन ने भी पूरे आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया।
'बाबा अपने घर वापस आए हैं' : काजल गोस्वामी
हिंदू संगठन के प्रतिनिधि काजल गोस्वामी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि "बाबा आज अपने घर वापस आए हैं। आने वाले दिनों में कानून के अनुसार हमें आदि नाथ मंदिर वापस लेना है।" उन्होंने कहा कि उनका संगठन कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपनी मांग को आगे बढ़ाएगा। इस बयान के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से फिलहाल केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।