कोलकाता : पश्चिम बंगाल के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे मील को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री पोषण (PM Poshan) योजना के तहत मेगा किचन मॉडल के जरिए मिड-डे मील तैयार करने और उसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी अक्षय पात्र फाउंडेशन को देने की मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार की योजना के तहत शुरुआती चरण में उत्तर 24 परगना, हावड़ा, पुरुलिया और पूर्व मेदिनीपुर के चुनिंदा इलाकों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद मिली हरी झंडी
स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से जारी मेमो के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को अक्षय पात्र फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं उपाध्यक्ष चंचलपति दास की ओर से मेगा किचन मॉडल को लेकर प्रस्ताव दिया गया था। प्रस्ताव पर विचार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मंजूरी से चुनिंदा जिलों और प्रशासनिक क्षेत्रों में इस मॉडल को शुरू करने की औपचारिक अनुमति दी गई है।
पहले चरण में इन इलाकों में शुरू होगी व्यवस्था
मेगा किचन आधारित मिड-डे मील सेवा के पहले चरण में निम्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
- विधाननगर, उत्तर 24 परगना
- दमदम, उत्तर 24 परगना
- राजारहाट/न्यू टाउन, उत्तर 24 परगना
- हावड़ा जिला
- पुरुलिया जिला
- नंदीग्राम-I और नंदीग्राम-II, पूर्व मेदिनीपुर
इन इलाकों के संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल अधिकारी (SDO) और ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मेगा किचन से तैयार होगा मिड-डे मील
नई व्यवस्था के तहत बड़े स्तर पर भोजन तैयार करने के लिए मेगा किचन मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए निर्धारित स्कूलों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार और संबंधित संस्था के बीच जल्द ही MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद Letter of Award (LOA) जारी होने के साथ मिड-डे मील की आपूर्ति शुरू होने का रास्ता साफ होगा। इस मॉडल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित रूप से पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
किन स्कूलों को मिलेगा लाभ?
यह व्यवस्था पहले चरण में सरकार द्वारा चिन्हित संबंधित क्षेत्रों के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू की जाएगी। योजना के विस्तार और अन्य जिलों को शामिल करने को लेकर आगे राज्य सरकार के निर्णय के आधार पर कदम उठाए जाएंगे। मिड-डे मील व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर हजारों स्कूली विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। अब MoU और LOA की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मेगा किचन मॉडल को जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।