सिलीगुड़ी: देश की पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले स्थित सुकना में पूर्वी कमान मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा तैयारियों, परिचालन क्षमता और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत समीक्षा की।
पूर्वी कमान के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक
सेना प्रमुख ने पूर्वी कमान और त्रिशक्ति कोर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन किया। बैठक में सीमा पर तैनाती, संभावित चुनौतियों और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आधुनिकीकरण और नई तकनीक पर दिया विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान सेना प्रमुख ने आधुनिक सैन्य तकनीक, निगरानी प्रणाली और परिचालन क्षमता बढ़ाने वाली परियोजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग और सेना की क्षमता विस्तार पर विशेष बल दिया।
बेंगडुबी और स्पीयर कोर का भी किया दौरा
सुकना के अलावा जनरल धीरज सेठ ने बेंगडुबी सैन्य स्टेशन और स्पीयर कोर का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जवानों की परिचालन तैयारियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का मूल्यांकन किया।
एसएसबी ने साझा की भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की स्थिति
दौरे के दौरान सशस्त्र सीमा बल (SSB) सिलीगुड़ी फ्रंटियर के आईजी वंदन सक्सेना ने सेना प्रमुख से मुलाकात की। बैठक में भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
'चिकन नेक' कॉरिडोर पर केंद्र की विशेष नजर
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' के नाम से भी जाना जाता है, देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामरिक क्षेत्रों में गिना जाता है। पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला यह संकरा गलियारा सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। बदलते क्षेत्रीय हालात को देखते हुए इस इलाके में सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बढ़ा रही हैं।
18 जुलाई को अमित शाह करेंगे सुरक्षा समीक्षा
सेना प्रमुख के दौरे के बाद अब 18 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।