कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता, हावड़ा, बनगांव और मुर्शिदाबाद समेत 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
व्यवसायी के दफ्तर पर भी जांच की आंच
जांच के दौरान कोलकाता के लार्ड सिन्हा रोड स्थित एक व्यवसायी के कार्यालय में भी तलाशी ली गई। बताया जा रहा है कि राशन वितरण में गड़बड़ी की जांच के दौरान इस कारोबारी का नाम सामने आया था।
राशन सप्लाई के नेटवर्क की पड़ताल
ईडी अब यह खंगाल रही है कि संबंधित फर्म के जरिए राशन सामग्री किन जगहों पर और किस तरीके से भेजी जा रही थी। पोद्दार कोर्ट और मिंटो पार्क इलाके में भी कई ठिकानों पर जांच की गई।
हजारों टन गेहूं की हेराफेरी का शक
सूत्रों के मुताबिक, मामले में हजारों मीट्रिक टन गेहूं को कथित तौर पर दूसरी जगहों पर भेजने की जानकारी मिली है। इससे पहले करीब 180 ट्रकों को पकड़ा गया था, जिनमें सरकारी टैग लगे बोरे थे।
PDS अनाज पर उठे सवाल, जांच तेज
अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त किया गया अनाज सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए था या नहीं, और इसमें किसी तरह की आर्थिक अनियमितता हुई है या नहीं।
राजनीति में भी मचा घमासान
इस मामले को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। राशन घोटाले में पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी हो चुकी है, हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
ममता बनर्जी ने बताया साजिश
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मल्लिक के समर्थन में कहा है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
2023 से चर्चा में है राशन घोटाला
गौरतलब है कि साल 2023 में सामने आए इस मामले में सरकारी अनाज को खुले बाजार में बेचने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच अब भी जारी है।