कोलकाता: पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी आतंकी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गैंग के कथित एजेंट हमीद मंडल उर्फ हमीम और उसकी गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि दोनों पर पश्चिम बंगाल के मंत्री उमेश राय के बेटे को हनीट्रैप में फंसाकर उसके अपहरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खुफिया इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने समय रहते कार्रवाई कर कथित साजिश को विफल कर दिया। दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
मंत्री के घर की तस्वीर और मोबाइल नंबर जुटाने का मिला था टास्क
पूछताछ में अर्पिता सरकार ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसे मंत्री उमेश राय के घर की तस्वीरें और मोबाइल नंबर जुटाने का काम सौंपा गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसे कोलकाता जाकर वीडियो और फोटो इकट्ठा करने के निर्देश मिले थे, लेकिन उसने कथित रूप से गूगल के माध्यम से घर की तस्वीरें और अन्य जानकारी हासिल कर संबंधित लोगों तक पहुंचाई। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह जानकारी किन लोगों तक भेजी गई और इसका उद्देश्य क्या था।
14 दिन की पुलिस रिमांड में दोनों आरोपी, कई पहलुओं की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद हमीम मंडल और अर्पिता सरकार को बर्धमान कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसटीएफ दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से आतंकी नेटवर्क, स्थानीय संपर्कों और संभावित साजिशों से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को हिंसक बनाने की भी थी कथित योजना
जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद भट्टी गैंग दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की वर्दी में एक युवक को भेजने की कथित योजना बना रहा था। आरोप है कि उद्देश्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना था, ताकि पुलिस की छवि खराब की जा सके। पूछताछ में हमीम मंडल ने इस कथित योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण इनपुट जांच एजेंसियों को दिए हैं, जिनकी जांच जारी है।
पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क से सोशल मीडिया पर जुड़े थे संपर्क
एसटीएफ की जांच के अनुसार, अर्पिता सरकार पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे कथित नेटवर्क के कई सदस्यों के संपर्क में थी। जांच एजेंसियों ने बताया कि राणा, अबीर जट उर्फ अबीद, उजैर और हमाद नाम के लोगों से सोशल मीडिया और एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए संपर्क बनाए रखा गया था। एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं और अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश कर रही हैं।
परिवार ने लगाया फंसाने का आरोप, जांच जारी
अर्पिता सरकार के पिता सुजीत सरकार ने बेटी को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे जानबूझकर फंसाया गया है। उनका दावा है कि अर्पिता ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर जो भी गतिविधियां कीं, वह अनजाने में कीं और उसे यह जानकारी नहीं थी कि जिन लोगों से वह संपर्क में थी, उनका संबंध कथित आतंकी नेटवर्क से है। वहीं, एसटीएफ का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।