कोलकाता: ईस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब ने 22 साल के लंबे सूखे को खत्म करते हुए एक बार फिर डूरंड कप के खिताब पर अपना कब्जा जमा लिया है। रविवार (23 अगस्त 2026) को खेले गए महामुकाबले (कोलकाता डर्बी) में ईस्ट बंगाल ने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान को 4-1 के बड़े अंतर से मात देकर 17वीं बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की। इस ऐतिहासिक जीत के बाद रविवार देर रात से शुरू हुआ समर्थकों का जश्न सोमवार (24 अगस्त 2026) की सुबह तक लगातार जारी रहा।
क्लब तंबू में हुआ ध्वजारोहण, ट्रोफी देखने पहुंचे हजारों प्रशंसक
जीत के बाद सोमवार सुबह 10 बजे कोलकाता स्थित ईस्ट बंगाल क्लब तंबू (Club Tent) में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। क्लब के अध्यक्ष मुरारीलाल लोहिया ने समर्थकों और अधिकारियों की मौजूदगी में लाल-पीला झंडा फहराया। इस दौरान पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तापस रॉय, क्लब के वरिष्ठ अधिकारी देबब्रत सरकार सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। रविवार रात ही डूरंड कप की ट्रोफी क्लब पहुंच चुकी थी, जिसे देखने और उसके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए सुबह से ही मैदान में लाल-पीले समर्थकों का तांता लगा रहा।
एडमंड लालरिंदिका की हैटट्रिक और हबास का मास्टरस्ट्रोक
इस खिताबी मुकाबले में ईस्ट बंगाल के स्ट्राइकर एडमंड लालरिंदिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैटट्रिक गोल दागे, जबकि चौथा गोल बिपिन सिंह ने किया। मोहन बागान की ओर से एकमात्र गोल मनवीर सिंह ही कर सके। गौरतलब है कि 2023 के डूरंड कप फाइनल और इस सीजन के ग्रुप चरण में मोहन बागान से हारने के बाद कोच अंतोनियो लोपेज हबास की अगुवाई में ईस्ट बंगाल ने फाइनल में कड़ा पलटवार किया। मोहन बागान के कोच के रूप में कभी डर्बी न हारने वाले हबास ने ईस्ट बंगाल का जिम्मा संभालते ही टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
खराब दौर से उबरकर दोबारा पटरी पर लौटी ईस्ट बंगाल
हालिया सीज़न में ईस्ट बंगाल ने आईएसएल (ISL) का खिताब जीता था और अब 22 साल बाद डूरंड कप जीतकर भारतीय फुटबॉल में अपनी बादशाहत दोबारा साबित की है। इसके साथ ही टीम ने एएफसी चैंपियंस लीग 2 (AFC Champions League 2) के मुख्य दौर के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। एक लंबे और कठिन दौर से गुजरने के बाद मिली इन लगातार सफलताओं ने ईस्ट बंगाल के लाखों समर्थकों के चेहरों पर एक बार फिर खुशी लौटा दी है।