कोलकाता: कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की विशेष टीम सुरक्षा निरीक्षण कर रही है। यह कार्रवाई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के चल रहे परिचालन रेकनिसांस अभियान का हिस्सा है। NSG मुख्यालय के निर्देश पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया जा रहा है। 24 अगस्त की सुबह से NSG की टीम ने मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां शुरू कर दीं। यह निरीक्षण 24 से 27 अगस्त तक चलने वाला है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को समझने की कोशिश की जाएगी। साथ ही किसी संभावित चुनौती की स्थिति में सुरक्षा बलों की तैयारियों का भी आकलन किया जाएगा।
29 SCG की विशेष टीम कर रही निरीक्षण
जानकारी के अनुसार, NSG की 29 SCG की एक विशेष टीम कालीघाट मंदिर में रेकनिसांस कर रही है। इस टीम में एक अधिकारी, दो सहायक कमांडेंट और 10 कमांडो शामिल होंगे। टीम मंदिर के अंदर और बाहर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का निरीक्षण करेगी। रेकनिसांस के दौरान संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। टीम यह भी देखेगी कि किसी आपात स्थिति में सुरक्षा बल कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इसके अलावा अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
कोलकाता पुलिस और STF भी रहेंगी शामिल
NSG के इस अभियान में स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की भी अहम भूमिका रहेगी। रेकनिसांस के दौरान कोलकाता पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोलकाता कमांडो यूनिट भी शामिल होंगी। सभी एजेंसियां मिलकर मंदिर और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को समझेंगी। संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए, इसका भी आकलन किया जाएगा। सुरक्षा बलों के बीच संचार व्यवस्था और प्रतिक्रिया क्षमता की समीक्षा की जाएगी। स्थानीय पुलिस की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को भी NSG की टीम परखेगी। इससे भविष्य में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए संयुक्त तैयारी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पर जोर
रेकनिसांस के दौरान केवल मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि संभावित विभिन्न परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का भी जायजा लिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां यह समझने की कोशिश करेंगी कि किसी आपात स्थिति में किस तरह तत्काल कार्रवाई की जा सकती है। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। टीम संभावित चुनौतियों के दौरान बलों की तैनाती और आपसी समन्वय का आकलन करेगी। आपात स्थिति में बचाव और प्रतिक्रिया की क्षमता को भी परखा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी सामने आने पर उसे सुधारने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य कालीघाट मंदिर की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करना है।
27 अगस्त तक चलेगा अभियान
NSG की विशेष टीम का यह रेकनिसांस अभियान 24 अगस्त से शुरू होकर 27 अगस्त तक चलेगा। इन चार दिनों के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों का सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा। टीम अलग-अलग स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करेगी। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय भी इस अभियान का अहम हिस्सा होगा। निरीक्षण के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने की तैयारियों को समझा जाएगा। अभियान पूरा होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आकलन सामने आने की उम्मीद है। NSG की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।