खड़गपुर: दुर्गापूजा के दौरान पंडालों की भव्यता, अनूठी थीम, आकर्षक रोशनी और प्रतिमाओं की कलात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए रश्मि ग्रुप ने शारद सम्मान-2026 के विजेताओं को सम्मानित किया। इस पहल के तहत खड़गपुर की छह दुर्गापूजा कमेटियों को अलग-अलग श्रेणियों में विजेता चुना गया। प्रत्येक विजेता कमेटी को आकर्षक स्मृति-चिह्न के साथ 15 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
छह श्रेणियों में चुनी गईं विजेता पूजा कमेटियां
रश्मि ग्रुप शारद सम्मान-2026 में पूजा पंडालों की रचनात्मकता और विशिष्टता के आधार पर छह कमेटियों को सम्मानित किया गया। इनमें पर्यावरण के प्रति जागरूकता से लेकर मंडप की सजावट और प्रतिमा निर्माण तक विभिन्न पहलुओं को महत्व दिया गया।
- सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण-अनुकूल पूजा: विवेकानंद पल्ली पूजा कमेटी, मालंचा
- पीपुल्स चॉइस—सर्वश्रेष्ठ पूजा: सेंट्रल मालंच दुर्गा पूजा कमेटी
- सर्वश्रेष्ठ मंडप: मथुराकाटी सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी
- सर्वश्रेष्ठ थीम: एम.एस. टाइप दुर्गा पूजा कमेटी, निमपुरा रेलवे कॉलोनी
- सर्वश्रेष्ठ रोशनी: तालबागीचा सबुज संघ क्लब
- सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा: निमपुरा दीवानम्यारो सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी
विजेताओं के पंडालों में पहुंचकर अधिकारियों ने सौंपे पुरस्कार
इस आयोजन की खास बात यह रही कि विजेता पूजा कमेटियों को किसी केंद्रीय मंच पर बुलाने के बजाय रश्मि ग्रुप के अधिकारियों ने उनके पंडालों में पहुंचकर सम्मान प्रदान किया। प्रत्येक कमेटी को स्मृति-चिह्न और 15 हजार रुपये का चेक सौंपा गया। इस पहल से पूजा आयोजकों का उत्साह बढ़ा और उनकी मेहनत को पहचान मिली।
इस अवसर पर रश्मि ग्रुप के जीएम (लीगल) तपन नाथ, डीजीएम (सीएसआर) नटबर बिस्वाल, एजीएम (डिस्पैच) तापस दास, एजीएम (मैकेनिकल) संजय ओझा और मैनेजर (एचआर) अनिमेष भुइयां मौजूद रहे।
रचनात्मकता और बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा को बढ़ावा देने की पहल
रश्मि ग्रुप के कार्यकारी निदेशक भास्कर चौधरी ने बताया कि शारद सम्मान का उद्देश्य दुर्गापूजा कमेटियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना और बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है। दुर्गापूजा के दौरान आयोजक अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल और मेहनत से पंडालों को खास रूप देते हैं। ऐसे प्रयासों को सम्मानित करने से उन्हें आगे भी बेहतर और नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिलती है।
विजेताओं का चयन विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने किया। मंडप की सजावट, थीम की विशिष्टता, प्रतिमा की कलाकारी, रोशनी की व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल पूजा जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं के नाम तय किए गए।
रश्मि ग्रुप की इस पहल ने खड़गपुर में दुर्गोत्सव के उल्लास के बीच पूजा आयोजकों और कलाकारों के प्रयासों को पहचान देने का काम किया। सम्मान के साथ आर्थिक प्रोत्साहन मिलने से विजेता कमेटियों के लिए यह उपलब्धि और भी खास बन गई।