कोलकाता: कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची में संशोधन का मुद्दा लगातार उलझता जा रहा है। राज्य चुनाव आयोग ने अभी तक इस संबंध में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के नाम दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विपक्षी दलों का कहना है कि सूची से हटाए गए योग्य मतदाताओं को दोबारा शामिल करने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। उनका मानना है कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने से कई योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। वहीं, नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर आयोग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में चुनाव की तैयारियों के साथ मतदाता सूची का मुद्दा भी अहम होता जा रहा है।
5 जनवरी को मतदाता सूची जारी होने से चुनाव कार्यक्रम पर पड़ सकता है असर
संभावित कार्यक्रम के अनुसार, 5 जनवरी को संशोधित अंतिम मतदाता सूची जारी होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो इसका असर कोलकाता नगर निगम चुनाव की समय-सारणी पर पड़ सकता है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि SIR के दौरान हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए जाएं। यदि चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने का फैसला लिया जाता है, तो चुनाव की तारीखों में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में नगर निगम चुनाव में देरी होने की संभावना भी बनी रहेगी। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अभी तक मतदान की तारीख को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है। इसलिए चुनाव समय पर होंगे या आगे बढ़ेंगे, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
10 नवंबर को बूथों की अंतिम सूची जारी होने की संभावना
दूसरी ओर, कोलकाता नगर निगम के 209 वार्डों में बूथों की अंतिम सूची जारी करने की तैयारी भी चल रही है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, 10 नवंबर को बूथों की अंतिम सूची प्रकाशित की जा सकती है। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग नगर निगम चुनाव की अधिसूचना जारी करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, बूथों की सूची जारी होने और चुनाव की अधिसूचना के बीच मतदाता सूची का मुद्दा अहम बना रह सकता है। विपक्षी दलों की ओर से SIR में हटाए गए नामों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में आयोग को बूथ निर्धारण के साथ मतदाता सूची से जुड़े विवाद पर भी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है। फिलहाल 10 नवंबर की तारीख को लेकर राजनीतिक दलों और चुनावी तैयारियों पर नजर बनी हुई है।
बूथों की सीमाओं और मतदाता सूची पर टिकी चुनाव की आगे की प्रक्रिया
कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर अब दो बड़े सवाल सामने हैं। पहला, बूथों की सीमाओं और सूची को अंतिम रूप कब दिया जाएगा? दूसरा, SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल होंगे या नहीं? इन दोनों मुद्दों का समाधान चुनाव की आगे की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। यदि बूथों की अंतिम सूची तय समय पर जारी होती है, तो चुनाव आयोग की तैयारियों को गति मिल सकती है। लेकिन मतदाता सूची में संशोधन को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो चुनाव कार्यक्रम में देरी की आशंका बनी रह सकती है। विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बना रहा है। फिलहाल तैयारियां जारी हैं, लेकिन कोलकाता नगर निगम चुनाव की तारीख और पूरी समय-सारणी को लेकर तस्वीर साफ होना बाकी है।