कोलकाता: दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोलकाता पुलिस पूरी तरह सतर्क है। पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर यातायात व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने तक, पुलिस की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच, मेले और पंडालों की भीड़ में बिछड़ने वाले बच्चों और अन्य लोगों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने के लिए एक विशेष पहल की गई है। इस पहल का नाम ‘बंधु कोलकाता’ रखा गया है। इसके तहत बच्चों के लिए विशेष पहचान बैंड, हेल्पलाइन नंबर और एक विशेष मिसिंग स्क्वॉड की व्यवस्था की गई है।
पूजा की भीड़ में बच्चों के बिछड़ने की समस्या पर विशेष ध्यान
हर साल दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में बड़ी संख्या में लोग मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ राज्य के अन्य जिलों से भी लोग पूजा पंडालों में घूमने आते हैं। उत्तर कोलकाता के पारंपरिक पूजा पंडालों से लेकर दक्षिण कोलकाता के भव्य थीम पंडालों तक, हर जगह श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में कई बार छोटे बच्चे भीड़ में अपने माता-पिता या परिवार के सदस्यों से बिछड़ जाते हैं। इस स्थिति में बच्चों को खोजने और उन्हें सुरक्षित घरवालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
बच्चों को खोजने में होती थी परेशानी, अब निकाला गया समाधान
कोलकाता पुलिस पहले भी भीड़ में बिछड़े बच्चों को खोजने के लिए विशेष प्रयास करती रही है। हालांकि, बच्चों को सुरक्षित खोज लेने के बाद भी कई बार उनके परिवार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि छोटे बच्चे अक्सर अपने माता-पिता का नाम, घर का पता या मोबाइल नंबर ठीक से नहीं बता पाते थे। ऐसे में पुलिस को बच्चों के परिवार की पहचान करने और उनसे संपर्क स्थापित करने में परेशानी होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कोलकाता पुलिस ने ‘बंधु कोलकाता’ पहल के तहत एक विशेष व्यवस्था शुरू की है, जिससे बिछड़े बच्चों की पहचान करना और उनके परिवार तक पहुंचना आसान हो सके।
बच्चों के हाथों में पहनाया जाएगा विशेष पहचान बैंड
‘बंधु कोलकाता’ पहल के तहत बच्चों के हाथों में एक विशेष पहचान बैंड पहनाया जाएगा। इस बैंड पर बच्चे के माता-पिता का नाम, घर का पता और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी। यदि कोई बच्चा पूजा पंडाल में भीड़ के बीच अपने परिवार से बिछड़ जाता है और पुलिस उसे सुरक्षित खोज लेती है, तो बैंड पर लिखी जानकारी की मदद से उसके माता-पिता या परिवार के सदस्यों से संपर्क किया जा सकेगा। इससे बच्चों को उनके परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया आसान बनाने में मदद मिलेगी। खासकर छोटे बच्चों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
बिछड़े बच्चों को खोजने के लिए विशेष मिसिंग स्क्वॉड
बच्चों की पहचान के लिए विशेष बैंड के साथ-साथ कोलकाता पुलिस की ओर से एक विशेष मिसिंग स्क्वॉड की भी व्यवस्था की गई है। इस स्क्वॉड के लिए कई गाड़ियों की व्यवस्था रखी गई है, ताकि सूचना मिलने पर पुलिस जल्द से जल्द मौके पर पहुंच सके। पूजा पंडालों में किसी बच्चे के बिछड़ने की सूचना मिलने पर उसे खोजने, सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उसके परिवार से मिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य पूजा के दौरान बिछड़े बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाना है।
100 और 112 के अलावा मिसिंग स्क्वॉड का नंबर भी जारी
दुर्गा पूजा के दौरान यदि कोई बच्चा या परिवार का सदस्य भीड़ में बिछड़ जाता है, तो पुलिस से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आपातकालीन सहायता के लिए 100 और 112 नंबर के अलावा कोलकाता पुलिस के मिसिंग स्क्वॉड का संपर्क नंबर 2214-1835 बताया गया है। किसी बच्चे या परिवार के सदस्य के लापता होने की स्थिति में इन नंबरों के माध्यम से पुलिस को सूचना दी जा सकती है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को संबंधित व्यक्ति को खोजने और उसके परिवार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
बच्चों के साथ बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी नजर
दुर्गा पूजा के दौरान केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि कई बार बुजुर्ग भी भारी भीड़ में अपने परिवार के सदस्यों से बिछड़ जाते हैं। पूजा पंडालों में लोगों की लगातार आवाजाही के कारण कई बार एक-दूसरे को ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बिछड़े हुए व्यक्तियों को उनके परिवार तक पहुंचाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है। कोलकाता पुलिस की ओर से पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
पूजा की खुशियों के बीच सुरक्षा का भरोसा, ‘बंधु कोलकाता’ पर नजर
दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है। इस दौरान परिवार के साथ पूजा पंडालों में घूमना और मां दुर्गा के दर्शन करना लोगों के लिए खास अनुभव होता है। लेकिन भीड़ में बच्चों के बिछड़ने की घटनाएं परिवारों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। ऐसे में कोलकाता पुलिस की ‘बंधु कोलकाता’ पहल का उद्देश्य बच्चों की पहचान करने, उनके परिवार से संपर्क स्थापित करने और उन्हें सुरक्षित वापस पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। विशेष पहचान बैंड, मिसिंग स्क्वॉड और हेल्पलाइन के जरिए पूजा के दौरान लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।