कोलकाता: कोलकाता पुलिस ने जीरो एफआईआर के मामलों में हो रही देरी को खत्म करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से नया आदेश जारी किया है। पुलिस आयुक्त के आदेश संख्या 412 (12 जुलाई 2026) के तहत सभी थाना प्रभारियों को जीरो एफआईआर के पंजीकरण और उसके स्थानांतरण से जुड़े मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जीरो एफआईआर में देरी पर सख्ती
पुलिस आयुक्त कार्यालय के अनुसार, कोलकाता पुलिस और पड़ोसी जिलों के बीच जीरो एफआईआर स्थानांतरित होने के बाद नियमित एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी देखी जा रही थी। इससे आपराधिक मामलों की जांच और न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। इसी को देखते हुए नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
थाना प्रभारियों को दिए गए अहम निर्देश
नए आदेश के अनुसार, जीरो एफआईआर दर्ज करने वाला थाना प्रभारी संबंधित थाने के प्रभारी से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेगा और मामले से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की जानकारी साझा करेगा। साथ ही शिकायतकर्ता का पूरा विवरण भी संबंधित थाने को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी न हो।
शिकायतकर्ता को दी जाएगी हर अपडेट
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिकायतकर्ता को पुलिस द्वारा की जा रही अनुवर्ती कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा जिस थाने में मामला स्थानांतरित किया जा रहा है, वहां के थाना प्रभारी के संपर्क विवरण भी शिकायतकर्ता के साथ साझा किए जाएंगे।
महिलाओं से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी
महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े सभी जीरो एफआईआर मामलों में पंजीकरण और स्थानांतरण की सूचना संबंधित डिविजनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) को तत्काल देने का निर्देश जारी किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों में निगरानी बढ़ाना और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
न्याय प्रक्रिया को तेज करने की पहल
कोलकाता पुलिस का मानना है कि इन नए दिशा-निर्देशों से जीरो एफआईआर मामलों के त्वरित निस्तारण, विभिन्न थानों के बीच बेहतर समन्वय और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।