कोलकाता: बेंगलुरु के बाद अब कोलकाता में भी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स द्वारा रेस्टोरेंट्स से वसूले जाने वाले भारी कमीशन को लेकर विवाद गहरा गया है। कोलकाता के कई प्रमुख रेस्टोरेंट मालिकों ने आरोप लगाया है कि फूड एग्रीगेटर्स के बढ़ते कमीशन, विज्ञापन लागत और अस्पष्ट कटौतियों के कारण उनका मुनाफा मार्जिन लगातार घट रहा है। स्थिति से निपटने के लिए कई रेस्टोरेंट अपना खुद का डिलीवरी नेटवर्क मजबूत कर रहे हैं, जबकि कुछ ने ऑनलाइन एग्रीगेटर्स से दूरी बना ली है।
कमीशन दोगुना होने से बढ़ा दबाव
'6 बालीगंज प्लेस' के संस्थापक निदेशक शेफ सुशांत सेनगुप्ता के अनुसार, शुरुआती दिनों में प्रति ऑर्डर कमीशन 12 से 15 प्रतिशत था। कोविड के बाद पुराने संस्थानों के लिए यह बढ़कर 19 से 23 प्रतिशत हो गया है, जबकि नए रेस्टोरेंट्स से 28 से 32 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। इसके अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी और छिपे हुए चार्जेस मिलाकर व्यवसाय चलाना मुश्किल हो रहा है।
कटौती 40 से 60 प्रतिशत तक, अपना डिलीवरी सिस्टम विकल्प
'सांझा चूल्हा' के मालिक आसिफ अहमद ने बताया कि औसतन कुल कटौती 40 प्रतिशत से लेकर कभी-कभी 50 से 60 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों से सुविधा के नाम पर अधिक पैसे लिए जा रहे हैं, जबकि इसका खर्च रेस्टोरेंट भुगत रहे हैं। इसी वजह से 'सांझा चूल्हा' साल 2002 से ही अपने खुद के डिलीवरी सिस्टम पर निर्भर है।

पारदर्शिता की कमी और विज्ञापन के नाम पर अनचाही कटौती
गोलपार्क और बागुईआटी में आउटलेट चलाने वाली 'द येलो टर्टल' की मालिक अपेक्षा लाहिड़ी ने स्विगी का पिछले 6-8 महीनों से बहिष्कार किया हुआ है। उनका आरोप है कि कमीशन, डिस्काउंट और प्लेटफॉर्म चार्जेस के बाद रेस्टोरेंट्स को ऑर्डर वैल्यू का 70 प्रतिशत से अधिक गंवाना पड़ता है। बिना सहमति विज्ञापन कैंपेन चालू करने और शिकायत के बावजूद रिफंड न मिलने से पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
खुद का डिलीवरी नेटवर्क मजबूत करने में जुटे बड़े ब्रांड्स
बिरयानी चेन 'अमीनिया' की सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर अजरा गुलाम ने कहा कि बढ़ता कमीशन बिजनेस पर भारी दबाव डाल रहा है। कंपनी अब ऑनलाइन पोर्टल्स पर निर्भर रहने के बजाय सीधे ग्राहकों से जुड़ने और अन्य डिलीवरी चैनल विकसित करने पर काम कर रही है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के सदस्यों का कहना है कि इस मामले को उठाया गया है और समाधान के लिए चर्चा जारी है।