कोलकाता: कोलकाता की ऐतिहासिक ट्राम सेवा को नए स्वरूप में पुनर्जीवित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वर्षों से सीमित होती जा रही ट्राम सेवा को आधुनिक तकनीक के साथ फिर से शहर की सड़कों पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार का उद्देश्य केवल सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना नहीं, बल्कि शहर की विरासत को भी संरक्षित करना है।
RITES तैयार करेगा नई ट्राम परियोजना का ब्लूप्रिंट
सरकार ने ट्राम सेवा के पुनर्गठन और विस्तार की विस्तृत योजना तैयार करने की जिम्मेदारी Rail India Technical and Economic Service (RITES) को सौंपी है। प्रारंभिक सर्वेक्षण के बाद नई परियोजना का ब्लूप्रिंट तैयार होगा, जिसमें मौजूदा नेटवर्क के आधुनिकीकरण के साथ नए रूट भी शामिल किए जाएंगे।
पुराने रूट के साथ नए कॉरिडोर पर भी चलेगी ट्राम
परिवहन विभाग की योजना के अनुसार, पुराने ट्राम रूटों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। इसके साथ ही दक्षिणेश्वर से कालीघाट तक धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर और राजारहाट, न्यू टाउन तथा साल्टलेक को जोड़ने वाले नए ट्राम मार्ग विकसित करने की तैयारी है। इससे ट्राम केवल विरासत नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी परिवहन का भी हिस्सा बनेगी।
बैटरी से चलेगी नई पीढ़ी की ट्राम
नई ट्राम पारंपरिक ओवरहेड बिजली लाइन पर निर्भर नहीं होगी। सरकार बैटरी आधारित आधुनिक ट्राम सेवा शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इससे संचालन अधिक पर्यावरण-अनुकूल होगा और शहर के कई नए क्षेत्रों तक ट्राम पहुंच सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, इन ट्रामों का निर्माण पश्चिम बंगाल में ही किया जाएगा।
कभी 40 रूट, अब केवल दो पर सिमटी सेवा
एक समय कोलकाता में लगभग 40 ट्राम रूट संचालित होते थे, लेकिन समय के साथ अधिकांश मार्ग बंद हो गए। फिलहाल केवल श्यामबाजार-एस्प्लेनेड और गड़ियाहाट-पार्क सर्कस-एस्प्लेनेड रूट पर ही ट्राम सेवा उपलब्ध है। नई योजना से बंद पड़े कई मार्गों को फिर से सक्रिय किए जाने की उम्मीद है।
ट्राम यूजर्स एसोसिएशन ने जताई उम्मीद
कैलकटा ट्राम यूजर्स एसोसिएशन ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से ट्राम के लिए स्पष्ट नीति की मांग की जा रही थी। उनका मानना है कि यदि अन्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाओं के लिए नीति बनाई जा सकती है, तो ट्राम के लिए भी दीर्घकालिक नीति आवश्यक है। नई सरकार की पहल को उन्होंने सकारात्मक और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
विरासत के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार ट्राम को केवल दैनिक यातायात तक सीमित नहीं रखना चाहती। धार्मिक और हेरिटेज पर्यटन से जोड़कर इसे कोलकाता की नई पहचान बनाने की योजना है। इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और शहर की ऐतिहासिक छवि को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अगर यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो कोलकाता एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक ट्राम सेवा के लिए दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बन सकता है। आधुनिक तकनीक और विरासत का यह संगम शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।