मालदा: मालदा के मंगलबाड़ी स्थित एक फ्लैट में रविवार रात मालदा पुलिस, दक्षिण दिनाजपुर पुलिस और राज्य पुलिस की विशेष अभियान टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान फ्लैट से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता दिलीप साहा का है। हालांकि, दिलीप साहा का कहना है कि उन्होंने यह फ्लैट किराए पर दे रखा था और अंदर क्या गतिविधियां चल रही थीं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। बरामदगी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच तेज कर दी गई है।
अलमारी में मिले नोटों के बंडल, सोना भी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस फ्लैट के अंदर का नजारा देखकर हैरान रह गई। अलमारी में बड़ी संख्या में नोटों के बंडल करीने से रखे हुए मिले, जिनकी गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। रविवार देर रात तक करीब 25 लाख रुपये की नकदी गिनी जा चुकी थी, जबकि पूरी रकम का आकलन अभी बाकी है। इसके अलावा फ्लैट से सोना भी बरामद किया गया है, हालांकि उसकी मात्रा और कीमत का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है। पुलिस बरामद संपत्ति के स्रोत की भी जांच कर रही है।
कफ सिरप तस्करी की जांच से खुला फ्लैट का राज
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई को दक्षिण दिनाजपुर में प्रतिबंधित कफ सिरप की 1,500 बोतलों के साथ चार कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जांच टीम मालदा के इस फ्लैट तक पहुंची। पुलिस का दावा है कि फ्लैट का इस्तेमाल प्रतिबंधित कफ सिरप के नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा किया जा रहा था। इसी सुराग के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें नकदी और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई।
किराएदार पिंटू सरकार पर जांच का फोकस
जानकारी के मुताबिक, फ्लैट पिंटू सरकार नामक व्यक्ति ने किराए पर लिया हुआ था। छापेमारी के बाद फ्लैट मालिक दिलीप साहा ने कहा कि उन्होंने केवल किराए पर मकान दिया था और किराएदार किस काम में शामिल था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल पुलिस पिंटू सरकार की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद नकदी और अन्य सामान का संबंध किन लोगों से है।
मादक पदार्थ तस्करी और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच
पुलिस को संदेह है कि बरामद नकदी का संबंध प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से हो सकता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस पूरे मामले के तार किसी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। बरामद दस्तावेजों, नकदी और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए तेज
मामले के सामने आने के बाद भाजपा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि इस गिरोह के किसी भी राजनीतिक दल से संबंध हैं तो उनकी भी जांच होनी चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है और किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पूरे मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।