Mamata Banerjee ने विधानसभा चुनाव के बीच केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में चुनाव को “युद्ध जैसा माहौल” बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी संख्या में केंद्रीय बलों और बख्तरबंद गाड़ियों की तैनाती से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उत्तर 24 परगना के आमडांगा में रैली के दौरान ममता ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती अभूतपूर्व है और इससे आम मतदाताओं में भय का माहौल बनाया जा रहा है।
केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल
ममता बनर्जी ने कहा कि Central Reserve Police Force, Border Security Force और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के करीब दो लाख जवानों को बंगाल में तैनात किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी फोर्स का इस्तेमाल उन्हें डराने के लिए किया जा रहा है? ममता ने तुलना करते हुए कहा कि हालात ऐसे लग रहे हैं जैसे राज्य में चुनाव नहीं बल्कि कोई युद्ध चल रहा हो।
PM मोदी और अमित शाह पर सीधा निशाना
ममता ने Narendra Modi और Amit Shah पर सीधा हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर सख्ती नहीं दिखा पाती, लेकिन बंगाल में चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का त्योहार शांतिपूर्ण होना चाहिए, न कि भय और दबाव के माहौल में।
पुलिस और प्रशासन पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी निष्पक्षता से काम नहीं कर रहे और भाजपा के पक्ष में झुकाव दिख रहा है। ममता ने IAS और IPS अधिकारियों से अपील की कि वे निष्पक्ष रहें और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करें।
NRC और वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा दावा
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो NRC और SIR जैसी प्रक्रियाओं के जरिए बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे लाखों लोगों को देश से बाहर करने की स्थिति बन सकती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
चुनाव आयोग के फैसलों पर भी सवाल
ममता ने मतदान से पहले मोटरसाइकिल की आवाजाही पर रोक जैसे फैसलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे आम लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह भारी संसाधनों—हेलीकॉप्टर और विमानों—के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
सियासी संग्राम और तेज हुआ
ममता के इन बयानों के बाद बंगाल की राजनीति और गरमा गई है। एक तरफ TMC इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बता रही है, वहीं BJP इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रही है। चुनाव अब सिर्फ वोटिंग नहीं, बल्कि “नैरेटिव की जंग” बन चुका है—जहां एक तरफ “डर बनाम लोकतंत्र” और दूसरी ओर “विकास बनाम आरोप” की राजनीति चल रही है।