कोलकाता/बैरकपुर: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की महिला डॉक्टर ‘अभया’ की मौत के मामले में शव के कथित जल्दबाजी में अंतिम संस्कार और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने पानीहाटी के पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष और पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, संजीव मुखर्जी को पानीहाटी से पकड़ा गया, जबकि निर्मल घोष को ओडिशा से गिरफ्तार किया गया। दोनों को बैरकपुर उप-मंडलीय अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग की गई है।
अंतिम संस्कार को लेकर उठे थे गंभीर सवाल
मामले में मृतका के परिवार ने शुरुआत से ही आरोप लगाया था कि शव का अंतिम संस्कार बेहद जल्दबाजी में कराया गया। परिवार का दावा था कि इस प्रक्रिया के पीछे कथित तौर पर सबूतों को नष्ट करने और आगे की जांच या दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की संभावना को खत्म करने का उद्देश्य था। परिजनों ने श्मशान घाट के दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि कुछ लोगों ने खुद को परिवार का सदस्य बताकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सामान्य प्रक्रिया से अलग तरीके से आगे बढ़ाया गया।
शिकायत के बाद दर्ज हुई नई FIR
परिवार की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर खड़दह थाने में नई प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और मानव शव के साथ अनादर से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। FIR में पूर्व विधायक निर्मल घोष, पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी और पानीहाटी के पूर्व पुरप्रधान सोमनाथ दे के नाम शामिल किए गए हैं।
ओडिशा से पकड़े गए निर्मल घोष
पुलिस के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद निर्मल घोष के बंगाल से बाहर चले जाने की जानकारी मिली थी। जांचकर्ताओं ने उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी का सहारा लिया पुलिस का दावा है कि टावर लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर उनकी मौजूदगी ओडिशा में पता चली, जिसके बाद एक टीम ने वहां पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया।
संजीव मुखर्जी भी पुलिस की गिरफ्त में
दूसरी ओर, पुलिस टीम ने पानीहाटी स्थित संजीव मुखर्जी के ठिकाने पर कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया। जांच एजेंसियां अब अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों, श्मशान घाट के रिकॉर्ड और उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसके निर्देश पर कथित तौर पर जल्दबाजी की गई।
सोमनाथ दे की तलाश जारी
मामले में नामजद पूर्व पुरप्रधान सोमनाथ दे फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
पुलिस का कहना है कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम की पूरी कड़ी समझने की कोशिश की जाएगी। रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान भी जांच का हिस्सा है। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी। गिरफ्तारी और FIR में लगाए गए आरोप अभी आरोप हैं; इनकी न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।