कोलकाता: विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण 24 परगना के भांगड़ स्थित दक्षिण बामुनिया इलाके में हुए चर्चित बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैनिंग पूर्व के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 24 घंटे तक चली तलाश और सस्पेंस के बाद शुक्रवार रात न्यूटाउन इलाके से उन्हें हिरासत में लिया गया। इस गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।
घर पर पहुंची NIA, मिला ताला
गुरुवार सुबह करीब 6 बजे NIA की टीम शौकत मोल्ला के जीवनतला स्थित आवास पर पहुंची थी। अधिकारियों ने देखा कि घर पर ताला लगा हुआ है। इसके बाद टीम ने आसपास पूछताछ की और पास स्थित उनके पार्टी कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया। हालांकि उस समय शौकत मोल्ला का कोई पता नहीं चल सका।
बेटे से पूछताछ, परिवार भी जांच के दायरे में
तलाशी अभियान के दौरान NIA अधिकारियों ने शौकत मोल्ला के बेटे से पूछताछ की और उसे कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया। बाद में शाम को उसे छोड़ दिया गया। जांच एजेंसी ने उनकी पत्नी और बेटी से भी पूछताछ की। पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन गुरुवार भर शौकत मोल्ला एजेंसी की पहुंच से बाहर रहे।
न्यूटाउन में हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात शौकत मोल्ला न्यूटाउन स्थित NIA कार्यालय में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। लेकिन कार्यालय पहुंचने से पहले ही न्यूटाउन ब्रिज के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया।
भांगड़ बम विस्फोट मामले से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले भांगड़ के दक्षिण बामुनिया इलाके में हुए बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक बहस को जन्म दिया था। विस्फोट की जांच को लेकर आईएसएफ ने लगातार NIA जांच की मांग की थी, जिसके बाद एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस मामले में तृणमूल नेता वाहिदुल इस्लाम समेत कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि चुनाव से पहले इलाके में बड़ी मात्रा में बम जमा किए गए थे और उसी नेटवर्क की कड़ियां तलाशने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
‘माछ चोर’ टिप्पणी भी हुई थी चर्चा का विषय
शौकत मोल्ला हाल के दिनों में उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने एक जनसभा में कथित तौर पर विरोधियों को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए “माछ चोर” (मछली चोर) शब्द का इस्तेमाल किया था। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा और विवाद का विषय बन गया था। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद यह पुराना बयान भी फिर से राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
जांच पर टिकी राजनीतिक नजरें
शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद भांगड़ बम विस्फोट मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक दलों की नजर अब NIA की अगली कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है। विपक्ष जहां इसे कानून के शिकंजे की कार्रवाई बता रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।