कोलकाता: कोलकाता के साल्ट लेक सेक्टर-V से सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। यहां एक कॉरपोरेट ऑफिस में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करने वाले शोभन चक्रवर्ती का रवींद्र संगीत गाते हुए वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में उनकी आवाज की जमकर तारीफ हुई, लेकिन इसके बाद उन्हें कथित तौर पर नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
बचपन से रवींद्र संगीत से जुड़ा रिश्ता
शोभन चक्रवर्ती करीब 40 साल के हैं और बचपन से ही रवींद्र संगीत सीखते रहे हैं। उन्होंने शांतिनिकेतन के संगीत भवन में भी औपचारिक प्रशिक्षण लिया और बच्चों को संगीत सिखाया। हालांकि आर्थिक परिस्थितियों के कारण वह संगीत को अपना पूर्णकालिक पेशा नहीं बना सके।
कोविड के बाद बनी सिक्योरिटी गार्ड बनने की मजबूरी
कोविड महामारी के बाद उनके संगीत सीखने वाले छात्रों की संख्या कम हो गई। आमदनी प्रभावित होने के चलते उन्होंने सेक्टर-V के एक कॉरपोरेट ऑफिस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू कर दी। इसके बावजूद संगीत से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ।
ड्यूटी के दौरान गाना पड़ा भारी?
हाल ही में ड्यूटी के दौरान उनका रवींद्र संगीत गाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लेखक और फिल्ममेकर प्रतिम डी. गुप्ता ने सोशल मीडिया पर उनकी कहानी साझा की। उनके मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद कंपनी ने शोभन को बुलाया और कथित तौर पर ड्यूटी के दौरान गाने को लेकर उनकी नौकरी चली गई।
नौकरी गई, लेकिन संगीत ने दिया नया मंच
कहानी का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि नौकरी जाने के बाद शोभन को लोगों का समर्थन मिला। बंगाली गायक रूपंकर बागची ने उनके लिए अक्टूबर में कोलकाता के कला मंदिर में एक कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की है। यानी जिस वायरल वीडियो के बाद शोभन की नौकरी चली गई, उसी वीडियो ने उनके संगीत को बड़ा मंच भी दिला दिया।
कलाकार को मिली नई पहचान
शोभन की कहानी सिर्फ एक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी जाने की कहानी नहीं है, बल्कि उस कलाकार की कहानी है जिसने आर्थिक मजबूरियों के बावजूद संगीत का साथ नहीं छोड़ा। वायरल वीडियो ने लोगों को उनकी प्रतिभा से रूबरू कराया और अब उनके लिए एक बार फिर संगीत की दुनिया में लौटने का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।