बीरभूम: पश्चिम बंगाल के सिउड़ी-1 ब्लॉक में पंचायत समिति के नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। अध्यक्ष पद लंबे समय से खाली होने के कारण बीडीओ कार्यालय में नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक बुलाई गई थी। लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विवाद गहरा गया।
सदस्यों की अनुपस्थिति से नहीं हो सका चुनाव
पंचायत समिति के कई सदस्यों के बैठक में शामिल नहीं होने के कारण आवश्यक संख्या पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया अधूरी रह गई और बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई। अब चुनाव की नई तारीख का इंतजार किया जा रहा है।
टीएमसी का आरोप- बीडीओ कार्यालय के बाहर हुई मारपीट
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीडीओ कार्यालय परिसर के बाहर उसके एक पंचायत प्रधान और एक स्थानीय नेता के साथ मारपीट की गई। पार्टी का कहना है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह घटना हुई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
अध्यक्ष पद को लेकर अंदरूनी मतभेद का दावा
तृणमूल नेताओं का कहना है कि अध्यक्ष पद के चयन को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय थी। इसी वजह से अधिकांश सदस्य बैठक में नहीं पहुंचे। पार्टी का दावा है कि राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
बीजेपी ने सभी आरोपों से किया इनकार
भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया तृणमूल सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण बाधित हुई और कार्यालय के बाहर हुई किसी भी घटना से पार्टी का कोई संबंध नहीं है।
प्रशासन की नजर, अगली तारीख का इंतजार
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है। फिलहाल पंचायत समिति के नए अध्यक्ष का चुनाव टल गया है। अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा घोषित की जाने वाली अगली चुनाव तिथि पर टिकी हुई है।