ब्रिटेन: सात समंदर पार ब्रिटेन की धरती पर एक बार फिर बंगाल की शारदीय परंपराओं और दुर्गापूजा की रौनक देखने को मिलेगी। वेस्ट मिडलैंड्स के सोलिहल में आयोजित होने वाला सोलिहल सार्वजनिन दुर्गोत्सव एवं दशहरा अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 18 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में मां दुर्गा की आराधना के साथ भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य, कला और पारंपरिक खानपान की झलक देखने को मिलेगी। यह उत्सव ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी बंगाली समुदाय को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और नई पीढ़ी तक परंपराओं को पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
18 से 20 अक्टूबर तक सोलिहल में दुर्गोत्सव
सोलिहल में तीन दिवसीय दुर्गोत्सव का आयोजन 18, 19 और 20 अक्टूबर को किया जाएगा। कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा। आयोजन स्थल शर्ली स्थित सोलिहल लॉज कम्युनिटी सेंटर, ग्रैफटन रोड, सोलिहल, B90 1NJ है।उद्घाटन समारोह में सोलिहल के मेयर, भारत के कौंसुल जनरल और स्थानीय काउंसिलरों के शामिल होने की संभावना है। उनकी संभावित उपस्थिति से यह आयोजन भारतीय संस्कृति और ब्रिटेन के स्थानीय समुदायों के बीच सांस्कृतिक संवाद का अवसर भी बनेगा।
सोलिहल दुर्गोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। गीत-संगीत, नृत्य, कविता, कला और हस्तशिल्प के जरिए बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा।आयोजन में भारतीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर भी मिलेगा। परिवारों और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां रखे जाने की योजना है, जिससे सभी आयु वर्ग के लोग उत्सव में भाग ले सकें।स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयास से आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम प्रवासी समुदाय के लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने, पुराने परिचितों से मिलने और नई दोस्तियां बनाने का अवसर भी प्रदान करेगा।
प्रवासी बंगालियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर
विदेश में दुर्गापूजा मनाना प्रवासी बंगाली समुदाय के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम भी है।जब बच्चे बंगाली गीतों और नृत्य के जरिए अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित होते हैं, तो परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का रास्ता मजबूत होता है। सोलिहल का दुर्गोत्सव इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।यह आयोजन अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों के लोगों को भी एक साथ आने का अवसर देता है। भारतीय खानपान, कला और धार्मिक परंपराओं के जरिए ब्रिटेन के बहुसांस्कृतिक समाज में आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा मिल सकता है।
पांचवें वर्ष में पहुंचा सोलिहल सार्वजनिन दुर्गोत्सव
सोलिहल सार्वजनिन दुर्गोत्सव एवं दशहरा की पांच वर्षों की यात्रा प्रवासी समुदाय की भागीदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है। हर वर्ष यह आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं के साथ समय बिताने और सामुदायिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर देता है।मां दुर्गा की आराधना, ढाक की थाप और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच यह उत्सव बंगाल की उन यादों को ताजा करेगा, जो हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद लोगों के दिलों में बसी रहती हैं।
ब्रिटेन में भी महसूस होगी बंगाल की शारदीय खुशबू
दुर्गापूजा बंगाली समुदाय के लिए आस्था, शक्ति और अपनेपन का प्रतीक है। सोलिहल में होने वाला यह आयोजन इसी भावना को ब्रिटेन की धरती पर जीवंत करेगा।मां दुर्गा की पूजा से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक, तीन दिनों का यह उत्सव प्रवासी परिवारों को अपनी विरासत के करीब लाने का प्रयास है। ढाक की गूंज, गीत-संगीत और अपनों के साथ उत्सव मनाने के अनुभव के बीच सोलिहल एक बार फिर बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बनेगा।