कोलकाता: राजनीति की व्यस्तताओं के बीच केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार अब रंगमंच पर भी अपनी प्रतिभा दिखाते नजर आए। श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित नाटक ‘केशरी हत्या’ में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका निभाई। उनके अभिनय को देखने के लिए कई जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद रहीं। मंच पर सुकांत मजूमदार को अभिनय करते देख दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
दो महीने पहले मिला था अभिनय का प्रस्ताव
श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित इस नाटक का निर्माण कौशिक अधिकारी की नाट्य संस्था ‘रंग ओपेरा’ ने किया है। नाटक में कौशिक अधिकारी खुद श्यामाप्रसाद मुखर्जी की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने निभाया। जानकारी के मुताबिक, सुकांत मजूमदार को इस भूमिका के लिए करीब दो महीने पहले चुना गया था। प्रस्ताव मिलने के बाद उन्होंने बिना ज्यादा सोच-विचार किए इसे स्वीकार कर लिया। पार्टी की जिम्मेदारियों और मंत्री पद की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने नियमित रूप से नाटक का अभ्यास किया।
सुकांत मजूमदार ने क्या कहा?
अभिनय के अनुभव को लेकर सुकांत मजूमदार ने कहा कि ‘केशरी हत्या’ भी एक पेशेवर नाटक की तरह ही तैयार किया गया है। उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाने का छोटा-सा अवसर मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शकों को उनका अभिनय पसंद आएगा। कई जानी-मानी हस्तियां पहुंचीं नाटक देखने सुकांत मजूमदार का अभिनय देखने के लिए मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार सुब्रत गुप्ता, शिवपुर के विधायक और अभिनेता रुद्रनील घोष, जहर सरकार समेत कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। केंद्रीय मंत्री को रंगमंच पर अभिनय करते देख दर्शकों में भी काफी उत्साह देखने को मिला।
श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जिंदगी और रहस्यमयी मौत पर आधारित है नाटक
‘केशरी हत्या’ नाटक श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन, उनके राजनीतिक संघर्ष और कश्मीर में हुई उनकी रहस्यमयी मौत पर आधारित है। वर्ष 1953 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के विरोध में आंदोलन में शामिल होने के लिए श्यामाप्रसाद मुखर्जी वहां पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हिरासत में रहते हुए ही उनकी मौत हो गई थी। श्यामाप्रसाद मुखर्जी के समर्थकों ने उनकी मौत को सामान्य घटना मानने से इनकार किया था। भाजपा का दावा रहा है कि उनकी मौत के पीछे राजनीतिक साजिश थी। इसी विवादित घटनाक्रम को ‘केशरी हत्या’ नाटक के जरिए मंच पर दिखाने की कोशिश की गई है।