कोलकाता: पार्क स्ट्रीट की उस महिला का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जिसे लेकर पिछले दिनों सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ी हुई थी। सोमवार को महिला मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार पहुंचीं। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके परिवार को सड़क या फुटपाथ पर रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और सरकार उनके लिए रहने की उचित व्यवस्था करने की कोशिश करेगी।
जनता दरबार पहुंची महिला, मुख्यमंत्री से की मुलाकात
पार्क स्ट्रीट इलाके की यह महिला अपने परिवार के साथ जनता दरबार में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिलने पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और परिवार की परिस्थितियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने महिला को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह परेशान न हों, सरकार उनके रहने के लिए व्यवस्था करने की दिशा में कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि सड़क और फुटपाथ आम लोगों के आवागमन के लिए होते हैं और किसी परिवार को मजबूरी में वहां जीवन बिताना पड़े, यह स्थिति स्थायी समाधान नहीं हो सकती। इसलिए परिवार के लिए सुरक्षित और उचित ठिकाने की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
दूध गर्म करने की घटना से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला उस घटना के बाद चर्चा में आया था, जब पार्क स्ट्रीट इलाके में एक महिला को अपने बच्चे के लिए दूध गर्म करते देखा गया। उस दौरान स्थानीय स्तर पर हुई बातचीत और कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। एक ओर महिला और उसके परिवार की आर्थिक एवं आवासीय स्थिति को लेकर सवाल उठे, तो दूसरी ओर फुटपाथों के इस्तेमाल और अतिक्रमण को लेकर भी बहस शुरू हो गई।
अग्निमित्रा पॉल के बयान पर भी मचा था विवाद
घटना के दौरान शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल की बातचीत को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी। उनके बयान और महिला से बातचीत के वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए।
हालांकि, अग्निमित्रा पॉल ने बाद में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी बच्चे या परिवार को परेशान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि बातचीत का तरीका अधिक संवेदनशील और नरम हो सकता था।
‘हम किसी के खिलाफ शिकायत करने नहीं आए’
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान महिला ने कथित तौर पर किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत करने के बजाय अपनी पारिवारिक और रहने की समस्या पर ध्यान देने की बात कही। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी कहा कि महिला का उद्देश्य राजनीतिक विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि अपनी परिस्थितियों के लिए समाधान तलाशना है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को देखा जाएगा और परिवार को उचित सहायता देने की कोशिश की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से भी परिवार को सहायता देने की पेशकश की गई थी। उन्होंने परिवार के रहने, खाने और बच्चों की पढ़ाई में मदद की बात कही थी। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि लंबे समय से फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए पहले क्या कदम उठाए गए। वहीं, विपक्ष ने सरकार और प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए।
अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्क स्ट्रीट की इस महिला और उसके परिवार के लिए रहने की व्यवस्था कब और किस स्तर पर की जाती है। यह मामला केवल एक वायरल वीडियो या राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि कोलकाता में बेघर और फुटपाथ पर रहने वाले परिवारों के पुनर्वास के बड़े मुद्दे को भी सामने लेकर आया है।