कोलकाता : विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी से छह साल के लिए निलंबित किए गए पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने पार्टी नेतृत्व और संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति में शामिल थे।
स्थानीय नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप
ऋजु दत्ता ने दावा किया कि पंचायत से लेकर नगर निकाय तक कई स्थानीय नेताओं ने आम लोगों से जमकर वसूली की। उन्होंने आरोप लगाया कि घर का नक्शा पास कराने से लेकर छोटे-छोटे कामों के लिए भी पैसे मांगे जाते थे। उनके मुताबिक, इसी कारण जनता में पार्टी के खिलाफ नाराजगी बढ़ती गई।
महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी घिरी टीएमसी
दत्ता ने कहा कि सिर्फ आर्थिक सहायता देकर महिलाओं का सम्मान नहीं खरीदा जा सकता। उनका आरोप है कि कई महिला मतदाता लंबे समय से स्थानीय नेताओं के व्यवहार से परेशान थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की नाराजगी भी चुनावी हार की बड़ी वजह बनी।
टीवी डिबेट में ‘मजबूरी में’ करना पड़ा बचाव
आरजी कर और संदेशखाली जैसे विवादित मामलों का जिक्र करते हुए ऋजु दत्ता ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता होने के कारण उन्हें कई बार टीवी डिबेट में जाकर पार्टी का बचाव करना पड़ा। हालांकि अंदर से वह इन मुद्दों पर सहज नहीं थे।
सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ बयान देने का दबाव
दत्ता ने दावा किया कि जब शुभेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता थे, तब पार्टी के भीतर से भाजपा नेताओं के खिलाफ बयान देने के लिए उन पर दबाव बनाया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार धमकी देकर भी बयान दिलवाए गए।
टिकट के बदले 50 लाख रुपये मांगने का आरोप
पूर्व प्रवक्ता ने चुनावी टिकट को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनसे टिकट देने के बदले 50 लाख रुपये मांगे गए थे। दत्ता ने हार के लिए राजनीतिक रणनीतिकार संस्था आईपैक, स्थानीय नेताओं की कथित तानाशाही और संगठनात्मक भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया।
पहले भी उठ चुके हैं पार्टी नेतृत्व पर सवाल
इससे पहले पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी चुनाव टिकट के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया था। वहीं मालदा के वरिष्ठ नेता कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने हार के लिए पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया था।
भाजपा नेताओं की मदद का भी किया जिक्र
ऋजु दत्ता ने कहा कि मुश्किल समय में भाजपा विधायक रितेश तिवारी समेत कुछ भाजपा नेताओं ने उनके परिवार की मदद की। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं।