कोलकाता: दुर्गापूजा के दौरान जंगलमहल में वन्यजीवों और जंगलों की सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने वन विभाग के कर्मचारियों की पूजा की छुट्टियों में कटौती करते हुए उन्हें ड्यूटी पर तैनात रखने का निर्देश दिया है। यह फैसला खास तौर पर जंगलमहल के संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
वन्यजीव और जंगल की सुरक्षा पर फोकस
सरकार के मुताबिक, पूजा के दौरान जंगलों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए वनकर्मियों की मौजूदगी जरूरी है। खास तौर पर अवैध शिकार और जंगलों को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।उत्सव के दौरान जंगली इलाकों में लोगों की आवाजाही और गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग को लगातार निगरानी और गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्गम इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी
वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पूजा के दिनों में जंगलमहल के गहरे और दुर्गम वन क्षेत्रों के साथ संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी।जमीन पर वनकर्मियों की गश्त के साथ हवाई निगरानी का उद्देश्य जंगल के ऐसे हिस्सों पर भी नजर रखना है, जहां सामान्य तरीके से पहुंचना मुश्किल है।
अवैध शिकार और जंगल को नुकसान रोकने की तैयारी
सरकार का फोकस पूजा के दौरान वन्यजीवों के शिकार और जंगलों से जुड़ी अवैध गतिविधियों को रोकने पर है। अधिकारियों की ओर से वनकर्मियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने और लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा गया है।इस व्यवस्था के तहत पूजा के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
छुट्टी रद्द होने से कर्मचारियों में नाराजगी
वनकर्मियों की छुट्टियों में कटौती के फैसले को लेकर कर्मचारी वर्ग में नाराजगी की बात भी सामने आई है। कर्मचारियों की ओर से कहा गया है कि दुर्गापूजा साल में एक बार आती है और ऐसे में त्योहार के दौरान छुट्टी का इंतजार रहता है।वहीं, सरकार के इस फैसले का समर्थन करने वालों का कहना है कि जंगलमहल में वन्यजीवों और जंगलों की सुरक्षा के लिए पूजा के दौरान अतिरिक्त निगरानी जरूरी है।
बाकी सरकारी विभागों पर लागू नहीं है फैसला
दिए गए विवरण के मुताबिक, यह फैसला सभी सामान्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए लागू नहीं है। अस्पताल, दमकल और पुलिस जैसी पारंपरिक आपातकालीन सेवाओं के संबंध में इस फैसले के तहत कोई नया निर्देश नहीं बताया गया है।फिलहाल पूजा के दौरान जंगलमहल में वन विभाग की टीमों की तैनाती और ड्रोन निगरानी के जरिए वन्यजीवों और वन क्षेत्रों की सुरक्षा पर विशेष जोर रहेगा।