कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के करीब ढाई महीने बाद राज्य सरकार ने उद्योग और निवेश को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उद्योग एवं वाणिज्य से जुड़े मंत्री तपस रॉय ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य में निवेश बढ़ाना, नए उद्योग स्थापित करना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
पूर्ववर्ती सरकार पर साधा निशाना
मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को न तो कोई प्रभावी लैंड पॉलिसी मिली, न लैंड बैंक और न ही कोई व्यावहारिक औद्योगिक नीति। उनका आरोप है कि पहले की सरकार ने उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी समाप्त कर दिए थे, जिससे कई उद्योगपति पश्चिम बंगाल छोड़कर अन्य राज्यों का रुख करने को मजबूर हुए।
निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने पर जोर
तपस रॉय ने कहा कि पड़ोसी राज्य जहां निवेश आकर्षित करने के लिए बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन दे रहे थे, वहीं पश्चिम बंगाल में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और कानून-व्यवस्था की स्थिति निवेश के अनुकूल नहीं थी। हालांकि अब नई सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और युवाओं की प्रतिभा का लाभ उठाकर उद्योगों को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवाओं को राज्य में ही रोजगार देने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह उद्योग समर्थक है और यदि राज्य में आर्थिक विकास तथा रोजगार के अवसर नहीं बढ़ाए गए तो प्रतिभाशाली युवाओं का दूसरे राज्यों की ओर पलायन और 'ब्रेन ड्रेन' रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीकी दक्ष और योग्य युवाओं को पश्चिम बंगाल में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
औद्योगिक हब के लिए शुरू हुआ लैंड सर्च
तपस रॉय ने बताया कि राज्य में एक विशेष औद्योगिक हब विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए विभिन्न जिलों में खाली या अनुपयोगी पड़ी जमीनों की पहचान का कार्य शुरू कर दिया गया है, ताकि भविष्य में उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई जा सके।
नई लैंड पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार
मंत्री ने जानकारी दी कि नई भूमि नीति (लैंड पॉलिसी) का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होते ही इसे जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) की संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
'गुंडा दमन बिल' से निवेशकों का बढ़ेगा भरोसा
कानून-व्यवस्था को निवेश के लिए अहम बताते हुए तपस रॉय ने कहा कि विधानसभा से पारित 'गुंडा दमन बिल' सोमवार से लागू होने जा रहा है। उनका कहना है कि इस कानून के लागू होने से अपराध पर लगाम लगेगी और उद्योगपतियों व निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा, जिससे राज्य में निवेश का माहौल और बेहतर बनेगा।