नई दिल्ली. अगस्त 2026 में क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुल खर्च पिछले महीने के मुकाबले थोड़ा कम रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार अगस्त में देश में क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुल खर्च जुलाई के मुकाबले कम रहा है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में क्रेडिट कार्ड से कुल 2.02 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जुलाई में यह आंकड़ा 2.08 लाख करोड़ रुपये था यानी एक महीने में क्रेडिट कार्ड खर्च करीब 2.8 प्रतिशत घट गया है। इस गिरावट की बड़ी वजह ऑनलाइन भुगतान में कमी को माना जा रहा है। कार्ड की संख्या बढ़ने के बावजूद खर्च में कमी उल्लेखनीय है।
ऑनलाइन पेमेंट में कमी
अगस्त 2026 में ऑनलाइन माध्यम से क्रेडिट कार्ड खर्च करीब 7 प्रतिशत घटकर 1.23 लाख करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि ई-कॉमर्स से जुड़े खर्च में बढ़ोतरी हुई है। ई-कॉमर्स खर्च 4.77 प्रतिशत बढ़कर 79,355 करोड़ रुपये पहुंच गया है। ऑनलाइन पेमेंट में गिरावट के बावजूद ई-कॉमर्स सेगमेंट में वृद्धि उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव को दर्शाती है। लोग शायद अधिक सावधानी से खर्च कर रहे हैं या वैकल्पिक भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। यह प्रवृत्ति आने वाले महीनों में और स्पष्ट हो सकती है।
बड़े बैंकों का प्रदर्शन
देश के बड़े क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंकों में एचडीएफसी बैंक का प्रदर्शन अलग रहा है। अगस्त में एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड से खर्च 1.83 प्रतिशत बढ़कर 61,233.45 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक के कार्ड से खर्च 4.9 प्रतिशत घटकर 32,334 करोड़ रुपये रहा है। एक्सिस बैंक में 4.7 प्रतिशत की कमी आई और खर्च 22,704 करोड़ रुपये रहा है। एसबीआई कार्ड के मामले में गिरावट सबसे ज्यादा रही है। अगस्त में इसका खर्च करीब 10.8 प्रतिशत घटकर 35,312.7 करोड़ रुपये रह गया है। अलग-अलग बैंकों का प्रदर्शन मिश्रित रहा।
क्रेडिट कार्ड की संख्या में वृद्धि
क्रेडिट कार्ड के खर्च में कमी के बावजूद देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ी है। अगस्त में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 12.40 करोड़ हो गई है जबकि जुलाई में यह 12.28 करोड़ थी। अगस्त 2025 में देश में करीब 11.23 करोड़ क्रेडिट कार्ड थे। एचडीएफसी बैंक ने अगस्त में 1,22,669 नए कार्ड जोड़े और उसका कुल कार्ड आधार 2.71 करोड़ हो गया। एसबीआई कार्ड ने 1,93,294 कार्ड जोड़े जिससे उसकी कुल संख्या 2.29 करोड़ पहुंच गई। संख्या बढ़ने के बावजूद औसत खर्च कम होना ध्यान देने योग्य है।
आगे की प्रवृत्ति और विश्लेषण
कार्ड की संख्या में वृद्धि उपभोक्ताओं की पहुंच बढ़ने को दर्शाती है लेकिन खर्च में गिरावट सावधानी या आर्थिक दबाव का संकेत हो सकती है। ऑनलाइन पेमेंट में कमी और ई-कॉमर्स में वृद्धि मिश्रित तस्वीर पेश करती है। बैंकों को ग्राहक व्यवहार के अनुसार रणनीति समायोजित करनी पड़ सकती है। आरबीआई के आंकड़े डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण हैं। आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन खर्च को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर क्रेडिट कार्ड बाजार विस्तार के साथ-साथ खर्च पैटर्न में बदलाव देख रहा है।