बीते कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के कई इलाकों में घने कोहरे के साथ कहीं-कहीं बारिश की भी सूचनाएं मिल रही है. खरगोन की बात करें तो यहां का हाल भी कुछ ऐसा ही बना हुआ है. तापमान में गिरावट और बारिश होने से लोगों का स्वास्थ बिगड़ रहा है तो वहीं किसानों को फसलें खराब होने की चिंता सता रही है.
खरगोन सफेद सोना (कपास) और लाल तीखी मिर्च के लिए पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है. प्रदेश में सबसे ज्यादा कपास का उत्पादन खरगोन में ही होता है. जिले के बेड़ियां में एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मिर्च मंडी है. यहां देश के कई राज्यों में मिर्च की सप्लाई होती है. इसके अलावा गेहूं, चना भी यहां की मुख्य फसल है.
MP में करीब 60 से 70 हजार हेक्टेयर में देशी एवं डॉलर चना और लगभग सवा लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है. लेकिन विगत दिनों हुई बेमौसम बारिश और सुबह घना कोहरा होने से फसलों पर प्रभाव पड़ा
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