मध्य प्रदेश के किसानों को डॉ मोहन सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रदेश सरकार ने मूंग और उड़द की फसल खरीदी की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। प्रदेश में मूंग और उड़द की फसल पक चुकी है, लेकिन बारिश के चलते कई जगहों पर किसानों को परेशानियां हो रही हैं, ऐसे में सरकार ने फसल खरीदी की तारीख को लंबा कर दिया है, जिससे किसान भाई अब आसानी से अपनी फसल को बेच सकेंगे। फिलहाल प्रदेश में मूंग और उड़द खरीदी का काम जारी है।
एक महीने तक अपनी फसल को आराम से बेच सकते हैं
मध्य प्रदेश में अब मूंग और उड़द की खरीदी 31 जुलाई तक होगी। प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया है। बता दें कि प्रदेश सरकार ग्रीष्मकालीन फसलें साल 2024 में प्राइस सपोर्ट स्कीम पर प्रदेश भर के जिलों में समर्थन मूल्य पर किसानों से मूंग और उड़द की खरीदी कर रही है। प्रदेश में मूंग और उड़द की खरीदी का काम 24 जून से 31 जुलाई तक चलेगा। यानि अब किसान भाई सीधे-सीधे पूरे एक महीने तक अपनी फसल को आराम से बेच सकते हैं।
पिछले साल की अपेक्षा फायदा हो रहा है
भारत सरकार ने विपणन साल 2024 -25 के लिए मूंग और उड़द पर समर्थन मूल्य MSP के दाम भी बढ़ाए हैं। इस साल सरकार मूंग को 8558 रुपए में और उड़द को 6950 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी रही है। ऐसे में किसानों को इस साल मूंग और उड़द की फसल पर पिछले साल की अपेक्षा फायदा भी हो रहा है।
खरीदी केंद्र पांच दिनों तक खुले रहेंगे
मोहन सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। कृषि विभाग की तरफ से बताया गया है कि सभी खरीदी केंद्र सोमवार से शुक्रवार यानि पांच दिनों तक खुले रहेंगे। जहां सुबह 10 से शाम 6 बजे तक पर्ची जारी की जाएगी। राज्य सरकार विपणन साल 2024-25 में प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत मूंग और उड़द की खरीदी कर रही है, इस साल सरकार की तरफ से एमएसपी पर भी बढ़ोत्तरी की गई है। सरकार ने निर्धारित समितियों और संस्थाओं को किसानों के पंजीयन के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े क्योंकि प्रदेश में बारिश का दौर भी शुरू हो गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रमुख रूप से मूंग और उड़द होती है। भोपाल जिला समेत सीहोर, होशंगाबाद, रायसेन, हरदा, बैतूल, देवास जिलों में मूंग की फसल प्रमुख रूप से उगाई जाती है। जबकि उड़द का उत्पादन भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
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