मध्यप्रदेश में संविदा कर्मियों की परेशानियां बढ़ने वाली है। संविदा कर्मियों को परमानेंट होने (नियमितीकरण) में अब परीक्षा का पेंच फंस सकता है। नियमितीकरण को लेकर राज्य सरकार बड़ा फैसला ले सकती है।नियमितीकरण के लिए लिखित परीक्षा देनी पड़ सकती है। 50 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर ही संविदा कर्मियों को नियुक्ति दी जाएगी।
संविदा कर्मियों के लिए 20% पद आरक्षित होंगे
जानकारी के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग नियम तय करेगा। सभी विभागों को अपने तृतीय श्रेणी के पदों में इस भर्ती प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा। सीधी भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए 20% पद आरक्षित होंगे। एससी (SC) और एसटी (ST) उम्मीदवारों को 10% अंकों की छूट दी जाएगी। 300 अंकों का एग्जाम होगा जिसमें 150 अंक लाना अनिवार्य होगा। सभी 38 विभागों में कर्मचारियों को परीक्षा देकर 50% अंक लाना जरूरी है।
कई व्यवस्थाओं में बदलाव देखें जा रहे
प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद से कई व्यवस्थाओं में बदलाव देखने को मिल रहा है। नई मोहन यादव सरकार ने कई नियमों में भी परिवर्तन किए हैं। इसी कड़ी में अब प्रदेश सरकार ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संविदाकर्मियों का नियमितीकरण नए नियमों के तहत ही होगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
Comments (0)