मध्य प्रदेश विधानसभा में सरकार ने ‘मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024 पेश किया. मोहन यादव सरकार ने प्रिजन एक्ट 1894 में बड़ा बदलाव करते हुए इसे मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024 नाम दिया है. इसमें पुराने जेल अधिनियम, बंदी अधिनियम और बंदी स्थानांतरण की जगह अब एक ही अधिनियम लागू कर दिया गया है. इस विधेयक में महिलाओं और ट्रांसजेंडर और खतरनाक गैंगस्टर कैदियों पर नियंत्रण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. इसमें कुल 18 अध्याय रखे गए हैं. इनमें कई तरह के प्रावधान हैं.
जेलों के विकास तथा ओव्हरक्राउर्डिंग इत्यादि पर नियंत्रण के लिए जेल विकास बोर्ड के गठन का विशेष प्रावधान किया गया है. अंडर ट्रायल बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा के लिए रिव्यू कमेटी का गठन भी किया गया है.
Comments (0)