कांग्रेस के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh ) सागर जिले की सुरखी विधानसभा के दौरे पर पहुंचे। यहाँ उन्होंने बीजेपी के संभावित सीएम उम्मीदवारों पर बयान देकर मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा दी है। दिग्विजय सिंह ( Digvijay Singh ) ने कहा कि, बीजेपी में 7 लोग मुख्यमंत्री के लिए सूट सिलवाए घूम रहे हैं।
BJP में 7 नेता शपथ लेने के लिए सूट सिलवाए घूम रहे है
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने तंज भरे अंदाज में कहा कि, शिवराज सिंह भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवारों की सूची छोड़ने को तैयार नहीं हैं। भूपेंद्र सिंह, भार्गव जी (गोपाल भार्गव), नरोत्तम मिश्रा, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, वीडी शर्मा तैयारी में हैं कि, कब अवसर मिल जाए। मगर, अवसर नहीं मिलेगा। शपथ ग्रहण होगा तो नवंबर-दिसंबर में कमलनाथ जी सीएम होंगे।
दिग्विजय सिंह के बयान पर वीडी शर्मा का पलटवार
वही राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के इस बयान पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार कहा कि, मिस्टर बंटाधार फिर झूठ बोलकर मध्यप्रदेश को दुरावस्था में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह खुद कह चुके हैं कि, मैं जनता के बीच जाता हूं, तो कांग्रेस के वोट कट जाते हैं।
मध्यप्रदेश में जब-जब बीजेपी सरकार में आती है, तो वह व्यवसाय अधिक करती है
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि, मध्यप्रदेश में जब-जब बीजेपी सरकार में आती है, तो वह व्यवसाय अधिक करती है, जनसेवा कम करती है, स्वयंसेवा अधिक करती है। अच्छे-खासे कांग्रेस से जो लोग जाते हैं, वे भी बिगड़ जाते हैं। यहां के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत न जाने कितना लेकर बीजेपी में गए। वे यहां व्यवसाय कर रहे हैं। जनसेवा नहीं कर रहे। वे कहते भी हैं कि, हमको न बीजेपी से मतलब है, न कांग्रेस से उन्हें जिससे मतलब है आप सब जानते हैं। कोई भी काम हो, ठेका हो, उनकी कंपनी करेगी। मूल्यांकन, क्वालिटी कंट्रोल हो नहीं सकता। यहां के सरपंच दुखी हैं, क्योंकि उन्हें कोई काम नहीं मिलता। जिसको वे चाहते हैं, उसके पास डायरेक्ट पैसा पहुंचता है। बता दें, गोविंद सिंह राजपूत 2020 में सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में सम्मिलित हो गए थे।
किसानों को लूटा जा रहा है
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा ति, अभी गेहूं की तुलाई का मौसम है। कलेक्टर से मेरी वार्ता हुई। यहां पर जो केंद्र हैं, वहां 3-4 दिनों से ट्रैक्टर खडे़ हैं। बारदाने नहीं हैं। मंडी खुले 5 वर्ष हो गए, अव्यवस्था की वजह से कोई व्यापारी टिकना नहीं चाहता। सरकार का टैक्स तो ठीक, विधायक जी का टैक्स अलग से देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि, मेरे पास शिकायत आई है कि हर बोरी पर 15 रुपए अलग से लिए जाते हैं। मतलब 2125 का रेट है, तो उसी की तुलाई पहले 15 रुपए क्विंटल देते हैं। यह पैसा क्यों लिया जा रहा है। इसमें किस-किस का हिस्सा है। सहकारिता के मैनेजर एवं अफसर, बीजेपी नेता, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बताएं। शिवराज सिंह बोलते हैं कि हम किसान पुत्र हैं। किसानों को लूटा जा रहा है यहां। इसका कोई हिसाब नहीं है।
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