CG NEWS : कोंडागांव। बस्तर संभाग के कोण्डागांव जिले के आदिवासी बच्चे अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनके अंदर छिपी अद्भूत प्रतिभा और कौशल ने खुद उन्हें समाज में अलग पहचान दे रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित योजनाओं का लाभ लेकर आदिवासी बच्चे खेलों में भाग लेकर प्रदेश एवं देश का नाम रौशन कर रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। कोण्डागांव जिले के एक गांव की बेटी 15 वर्षीय रंजीता करोटे ने कक्षा 9वीं की छात्रा रंजीता के पिता नहीं है मां की माली हालत कमजोर है।
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इसलिए बेटी को पढ़ाई के लिए वह कोंडागांव बाल कल्याण परिषद में छोड़कर चली गई। मगर यहां बेटी ने जो कारनामा कर दिखाया वह किसी से कम नहीं है। दरअसल, रंजीता बाल कल्याण में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ आईटीबीपी के जवानों से जूडो के गुर भी सिखाने लगी। उसकी इसी लगन के चलते उसका चयन सांई भोपाल में हो गया यहां भी उसने बाजी मार ली, अब उसे जूडो का प्रशिक्षण लेने के लिए स्पेन भेजा जा रहा है।
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