छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के सबसे बड़े सोलर प्लांट के स्थापना का काम जंजगिरी मैदान में किया जा रहा है। प्लांट का बुनियादी ढ़ाचा तैयार हो गया है। पैनल लगाने के लिए कॉलम खड़े किमए जा चुके हैं और अब वहां पर केबल बिछाने का काम शुरु होने वाला है। इसके बाद कालम पर पैनल लगाए जाएंगे। फिर बिछाए गए केबल से पैनल को जोड़ा जाएगा। आने वाले कुछ ही महीनों में प्लांट का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद सौर ऊर्जा से ट्रेनों के परिचालन की कल्पना पूरी हो सकेगी।
सोलर पैनल लगाने के लिए कॉलम खड़े किए जा चुके हैं
दुर्ग और रायपुर के बीच सौर ऊर्जा से रेलगाड़िया चलेंगी। इसके साथ ही रेलवे के आवासों में भी यहीं की बिजली का उपयोग किया जाएगा। आपको बता दें कि भिलाई-चरोदा के जंजगिरी मैदान में रेलवे एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के सहयोग से चेन्नई की सन एडिशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 20 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित कर रही है। अभी सोलर पैनल लगाने के लिए कॉलम खड़े किए जा चुके हैं और उन पर लगने वाले सोलर पैनल के कनेक्शन के लिए केबल बिछाने का काम शुरू हो चुका है।
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पैनल लगाने के साथ ही इनवर्टर और ट्रांसफार्मर लगाने का काम भी शुरु किया जाएगा
केबल बिछाने और पैनल लगाने के साथ ही इनवर्टर और ट्रांसफार्मर लगाने का काम भी शुरु किया जाएगा। इसके बाद सौर ऊर्जा से बिजली पैदा होगी और पावर ग्रिड के द्वारा रेलवे को इसकी सप्लाई की जाएगी। जंजगिरी के 210 एकड़ की जमीन पर अगले 25 सालों के लिए इस सोलर प्लांट की स्थापना की जा रही है। इसे लगाने में 310 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। लेकिन आने वाले सालों में इससे करोड़ो बचेंगे। बिजली की मौजूदा दर के हिसाब से ही सालाना करीब 13 करोड़ ऍर 25 साल में 360 करोड़ रुपये की बचत होगी। यदि आने वाले सालों में बिजली की कीमत में बढ़ोतरी होती है तो उसका फायदा भी रेलवे को मिलेगा।
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