मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के दो चरण में हुए कम मतदान के बाद बीजेपी-कांग्रेस ने रणनीति बदल दी है। अगले दो फेस के लिए बूथ स्तर पर आक्रामक तैयारी की जा रही है। वोट प्रतिशत बढ़ाने को लेकर दोनों की राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। प्रदेश में लोकसभा इलेक्शन के पहले और दूसरे चरण के लिए मतदान हो चुका हैं। फर्स्ट फेस में 67.75 प्रतिशत तो वहीं सेकंड फेस में 58.59 फीसदी वोटिंग हुई है। एमपी में कम मतदान को लेकर राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ गई है। कम वोटिंग के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने रणनीति बदल दी है। अगले दो चरणों के लिए तैयारी तेज कर दी है।
चुनाव प्रबंधन समिति रोज स्थानीय नेताओं से फीडबैक लेगी
बीजेपी बूथ स्तर की हर रोज मॉनिटरिंग करेगी। भाजपा मुख्यालय में चुनाव प्रबंधन समिति रोज स्थानीय नेताओं से फीडबैक लेगी। पन्ना और अर्ध पन्ना प्रमुखों के साथ ही विधायक और मंत्रियों को भी सक्रिय होने के निर्देश मिल चुके हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी मतदान से पहले और वोटिंग वाले दिन घर-घर पहुंचने के लिए बूथ यूनिट्स को निर्देश दिए है। महिला कांग्रेस, सेवादल और यूथ कांग्रेस को भी एक्टिव किया जा रहा है।
पहले चरण का मतदान प्रतिशत
एमपी में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में कुल 67.75 प्रतिशत वोटिंग हुई। सबसे अधिक छिंदवाड़ा में 79.83 और सबसे कम सीधी लोकसभा सीट में 56.50 फीसद वोट पड़े। वहीं बालाघाट में 73.45, मंडला में 72.84, शहडोल में 64.68 और जबलपुर में 61% मतदान हुआ है।
दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 58.59 फीसद मतदान हुआ। सबसे अधिक नर्मदापुरम (होशंगाबाद) में 67.21 और सबसे कम रीवा लोकसभा सीट में 49.42 प्रतिशत वोट डाले गए। वहीं सतना में 61.93, टीकमगढ़ में 60, खजुराहो में 56.96 और दमोह में 56.48% वोटिंग हुई है।
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