कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में पोषण पुनर्वास केंद्रों की बड़ी भूमिका है। पोषण पुनर्वास केंद्रो के द्वारा कुपोषित बच्चों के जीवन में सेहत की बहार लाने की कोशिश की जा रही है। इस कड़ी में बेहतर प्रयास करते हुए पूरे प्रदेश के पोषण पुर्नवास केंद्रों में सर्वाधिक बेड ऑक्यूपेंसी के लिए सीएचसी जनकपुर ने नंबर वन स्थान हासिल किया है।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए पूरी स्वास्थ्य टीम को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं
राज्य स्तर पर जारी रिपोर्ट में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक सीएचसी जनकपुर में बेड ऑक्यूपेंसी रेट 136 प्रतिशत रहा है। एक साल के समय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में बनाए गए पोषण पुनर्वास केंद्र में 209 बच्चों को भर्ती कर पोषण आहार और चिकित्सकीय सुविधा दी जा चुकी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए पूरी स्वास्थ्य टीम को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्हें इसी तरह बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
कुपोषित श्रेणी में चिन्हांकित बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्रों में रखा जा रहा है
जिले में गंभीर और मध्यम कुपोषित श्रेणी में चिन्हांकित बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्रों में रखा जा रहा है। जहां उनके वर्तमान कुपोषण की स्थिति को देखते हुए पोषण सुविधाएं और बच्चों की माताओं या अन्य देखभाल करने वालों को बच्चों के समग्र विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
ये भी पढ़े- मप्र में शिवराज कैबिनेट की आज अहम बैठक, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी बड़ी बैठक बुलाई
बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने और देखरेख के साथ पोषण आहार दिया जा रहा है
कोरिया जिले में 5 पोषण पुनर्वास केंद्र हैं। जिनमें कुल 50 बेड उपलब्ध हैं। अच्छे पोषण और स्वास्थ्य की सौगात के लिए जिले में बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में लाने के लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के पहल पर इस दिशा में नई रोस्टर रणनीति तैयार की गई। जिसके अनुसार माताओं और बच्चों को लाया जा रहा है। यहां बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने और देखरेख के साथ पोषण आहार दिया जा रहा है।
ये भी पढ़े- वैक्सीन के दूसरे डोज और बूस्टर डोज का गैप कम कर सकती है सरकार
Comments (0)