मध्यप्रदेश की मोहन सरकार जुलाई माह की 3 तारीख को पहला बजट पेश करने वाली है। खास बात यह है कि आम लोगों की निगाह इस बजट पर लग गई है। आम लोगों को चिंता है कि कहीं टैक्स का बोझ न बढ़ जाए। हालांकि खबर है कि राज्य सरकार आम जनता पर कोई टैक्स नहीं लगाने वाली है। इधर, पिछले दिनों हुई एमपी की कुछ घटनाओं को लेकर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी कर रहा है। इस बार का सत्र हंगामेदार होगा।
बजट में क्या है खास
विधानसभा के मानसून सत्र में 3 जुलाई को पेश होने वाले मोहन सरकार के कार्यकाल का यह पहला बजट है। इसमें वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सरकार का पूर्ण बजट पेश करेंगे। यह बजट साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का होने का अनुमान है। लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार लेखानुदान लेकर आई थी। इस बजट की खास बात यह है कि इस बजट में जनता के सुझावों को भी शामिल किया गया है। बजट में सभी वर्षों का ध्यान रखा गया है। बताया जा रहा है कि आम जनता के सुझावों के मद्देनजर कोई विशेष टैक्स नहीं जोड़ा जा रहा है।
विधानसभा सचिवालय के मुताबिक मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन की जानकारी सदन के पटल पर तीन जुलाई को 11.05 बजे रखी जाएगी। इसके बाद चार और पांच जुलाई को प्रश्नोत्तर काल के बाद बजट पर चर्चा होगी। पांच जुलाई को ही अशासकीय संकल्प और विधेयक पेश किए जाएंगे।
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