मध्य प्रदेश में लगातार कम होते भूमिगत जल के स्तर की वजह से जहां जल संग्रहण अत्यंत आवश्क है। उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार कुछ नवाचार करने पर जोर दे रही है। इसकी कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार ने जल संग्रहण के क्षेत्र में एक नया फैसला लेते हुए सरोवर प्राधिकरण बनाने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश भारत के उन चुनिंदा राज्यों में शुमार है। जिनमें तालाब सर्वाधिक संख्या में मौजूद हैं। मध्य प्रदेश में ग्रामीण अंचलों के अंदर कृत्रिम तालाबों का बड़ी संख्या में पहले भी निर्णय होता रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार ने जल संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया है और सरोवर प्राधिकरण बनाने की बात कही है।
52 जिलों के भीतर लगभग 5200 से ज्यादा तालाब बनाने का ब्लूप्रिंट भी तैयार किया जा रहा है
सरोवर प्राधिकरण के अंतर्गत नई योजना में मध्य प्रदेश के 52 जिलों के भीतर लगभग 5200 से ज्यादा तालाब बनाने का ब्लूप्रिंट भी तैयार किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत तालाब के निर्माण से लेकर उसके मेंटेनेंस और अन्य गतिविधियों से जुड़े सारे काम प्राधिकरण की मॉनिटरिंग ऐजेंसी को सौंपे जाएंगे जिसके चलते तालाबों का संरक्षण भी हो सके। साथ ही साथ तालाबों की गुणवत्ता उसके उपयोग और उसकी आयु सीमा निर्धारण का ध्यान भी रखा जाएगा।
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लगातार हो रही पानी की समस्या को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया
इस योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण अंचलों को लाभ मिल सके। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ऐसा प्रयास करने जा रही है। आपको बता दें कि लगातार हो रही पानी की समस्या को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया और प्रदेश के सभी जिलों में सरोवर प्राधिकरण के तहत 5200 तालाब निर्माण बनाने की योजना बना रही है।
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