मुख्यमंत्री के उज्जैन के होने का फायदा इंदौर और उज्जैन को मिलेगा। उज्जैन की बसाहट इंदौर रोड की तरफ ज्यादा हो रही है, इसलिए विकास के बड़े प्रोजेक्ट भी इस हिस्से में आ रहे है। दोनो शहरों की सीमाएं फैल रही है और वहां बसाहट भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव ने इंदौर उज्जैन छहलेन बनाने के निर्देश अफसरों को दिए है। पिछले दिनों वे रोड शो के सिलसिले में इंदौर आए थेे, तब भी उन्होंने कहा कि अब उज्जैन, देवास और इंदौर का समग्र विकास होगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने इंदौर से उज्जैन को छहलेन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इस साल यह काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल सड़क चार लेन है।
अभी दोनो शहरों के बीच की 55 किलोमीटर की दूरी 45 मिनट में तय होती है। छह लेन बनने के बाद समय और कम लगेगा। उज्जैन से इंदौर के बीच पर्यटन केंद्रों के विकास और बड़े पार्क की प्लानिंग भी चल रही है, ताकि सिंहस्थ के समय आने वाले भक्त उज्जैन के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी घूमने जा सके।
यह काम होना है इंदौर और उज्जैन में
1. उज्जैन से 48 किलोमीटर की दूरी पर इंदौर में एक इंटरस्टेट बस स्टेशन बन रहा है। जहां पांच सौ से ज्यादा बसों की आवाजाही होगी और 200 बसे प्रतिदिन पार्क हो सकेगी।
2. बिजासन, पितृपवर्त, गोम्मटगिरी को धार्मिक पर्यटन के हिसाब से संवारा जाएगा। दोनो शहरों के बीच एक बड़ा पार्क बनाने की योजना भी है।
3. इंदौर से उज्जैन की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को आसान बनने के लिए इंदौर के लवकुश चौराहे पर प्रदेश का डबलडेकर ब्रिज बनाया जा रहा है। इसका काम दो साल में पूरा हो जाएगा।
4. गांधी नगर से एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली मेट्रो ट्रेन के लिए स्टेशन इंदौर-उज्जैन रोड पर तैयार होगा।
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