पंचायत के चुनाव संपन्न होने वाले हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैंने कहा है कि, अक्सर जब चुनाव होते हैं ,चुनाव में प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है। प्रतिस्पर्धा द्वेष और शत्रुता को जन्म देती है अप्रिय घटना भी होती हैं। चुनाव चुनाव के बाद लड़ाई झगड़े और मुकदमे बाजी बढ़ जाती है। हमारे लिए पंच परमेश्वर है। इसलिए जनता से अपील की है। लोकतंत्र का उत्सव है चुनाव बढ़-चढ़कर भाग ले।
योजनाएं वहां लागू करके हितग्राहियों को लाभान्वित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
आगे सीएम ने कहा कि, अपनी पंचायत में मिलजुल कर बैठ कर सर्वसम्मति से अपने पंच और सरपंच को चुन ले तो प्रेम और आत्मीयता और ज्यादा बेहतर बनेगा समरस पंचायत मतलब निर्विरोध पंचायत अगर बनी तो उन पंचायतों को सरकार पुरस्कृत करेगी। पुरस्कृत राशि भी दी जाएगी। उसके साथ-साथ आदर्श और समरस पंचायत मानकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं में पात्र हितग्राही हैं। सब योजनाएं वहां लागू करके हितग्राहियों को लाभान्वित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हमने पुजारियों का मानदेय बढाने की घोषणा की थी।
हमने पुजारियों का मानदेय बढाने की घोषणा की थी
पुजारियों का मानदेय बढ़ाये जाने पर बोले सीएम शिवराज सिंह चौहान कि, जितनी भी घोषणा की है सब एक-एक करके पूरी हो रही है। हमने पुजारियों का मानदेय बढाने की घोषणा की थी। उसका आदेश जारी हो गए हैं। समाज के हर वर्ग का कल्याण करते हुए सरकार आगे बढ़ रही है। परशुराम जयंती पर हमने अनेकों घोषणाएं की थी उनको क्रियान्वित करना शुरू किया जा चुका है सवर्ण दलितों के बीच खाई को खत्म करने में जुटी सरकार 4 अप्रैल 2018 को ग्वालियर चंबल में हुई हिंसा के सभी केस लिए वापस।
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सामाजिक समरसता की ओर एक बेहतर कदम है
सीएम शिवराज सिंह चौहान का बयान, कुछ गलत प्रेमियों के कारण अप्रिय घटना हुई थी, दोनों पक्ष के प्रतिनिधिमंडल ने ग्वालियर में मुलाकात की थी। सामाजिक समरसता की ओर एक बेहतर कदम है। ज्योतिरादित्य सिंधिया नरेंद्र सिंह तोमर से बात की। सरकार ने सभी केसों को वापस लेने का फैसला किया है।
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