एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में बजट प्रस्तावों पर मुहर लगाई जाएगी।
वर्ष 2024-25 का बजट साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व से संचालित सभी योजनाओं के लिए प्रावधान किए जाएंगे।
इसके अलावा प्रत्येक ब्लॉक में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं निजी जनसहभागिता से संचालित करने और अन्य राज्यों के सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार सरकार बजट में जनता पर बोझ बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं उठाएगी। केंद्रीय योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर विभागों को राशि आवंटित की जाएगी।
कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाने, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, सिंचाई और सड़क परियोजनाओं के साथ अन्य योजनाओं के लिए प्रावधान किए जाएंगे। बजट प्रस्तावों पर कैबिनेट में विचार कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में बजट प्रस्तावों पर मुहर लगाई जाएगी। वर्ष 2024-25 का बजट साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व से संचालित सभी योजनाओं के लिए प्रावधान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक ब्लॉक में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं निजी जनसहभागिता से संचालित करने और अन्य राज्यों के सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
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