सरकारी, अनुदान प्राप्त स्कूलों में पढ़ाने के साथ जो टीचर ट्यूशन पढ़ाते है वो नेशनल टीचर अवॉर्ड के लिए हकदार नहीं होंगे। इस अवॉर्ड के लिए जारी की गई गाइडलाइन में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर ट्यूशन पढ़ाते हुए मिले तो आवेदन के बाद भी उसे खारिज कर दिया जाएगा।
सभी जिलों में शिक्षा अधिकारी इसकी रिपोर्ट देंगे
अगर ट्यूशन पढ़ा रहे हैं तो वो आवेदन ही नहीं करें, क्योंकि वो पात्र नहीं है। इसके साथ ही जो लोग अवॉर्ड के लिए आवेदन करेंगे, उनके बारे में भी एक गोपनीय जांच कर जानकारी जुटाई जाएगी कि वो ट्यूशन तो नही पड़ा रहे हैं। सभी जिलों में शिक्षा अधिकारी इसकी रिपोर्ट देंगे। जिला स्तर पर एक विजिल्ंस टीम भी बनाी जाएगी जो आवेदन करने वाले टीचर के स्कूल और घर के आसपास जाकर पड़ताल करेंगी।
मापदंड में नियमित पढ़ाने वाले टीचर्स को शामिल किया जाएगा
ये मापदंड नेशनल टीचर अवॉर्ड 2022 के लिए 7 जून को जारी किए गए हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून है। दरअसल ये देश का सबसे बड़ा अवॉर्ड है जो एमपी बोर्ड के साथ सीबीएसई और अनुदान प्राप्त शिक्षकों को दिया जाता है। इसके लिए जारी किए गए मापदंड में नियमित पढ़ाने वाले टीचर्स को शामिल किया जाएगा। यानी कोई टीचर बहुत अधिक अवकाश लेते हैं तो वे पात्र नहीं होंगे। संविदा या रिटायरमेंट के बाद सेवा दे रहे टीचर्स को मापदंड से बाहर रखा गया है।
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जिला स्तर पर बनी चयन समिति स्टूडेंट्स से भी जानकारी लेगी
अवॉर्ड के लिए आवेदन करने वाले टीचर को बी कैटेगरी में सर्वाधिक 30 नंबर स्टूडेंट को पढ़ाने के तरीके के लिए दिए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर बनी चयन समिति स्टूडेंट्स से भी जानकारी लेगी। वहीं एक कैटेगरी में 8 बिंदुओं के लिए कुल 20 नंबर दिए जाएंगे। इसमें स्टूडेंट के साथ उनके पेरेंट्स को मोटीवेट करने. स्कूल की अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने, मैगजीन में नंबर प्रकाशित कराने आदि के 3 से 2 नंबर मिलेंगे।
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