CG NEWS : छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एनजीडीआरएस साफ्टवेयर को तीन पंजीयन कार्यालयों अभनपुर, महासमुन्द एवं धमतरी में प्रारंभ किया गया था। ई-पंजीयन प्रणाली की बीओटी अवधि समाप्ति उपरान्त अब सभी पंजीयन कार्यालयों में एनजीडीआरएस साफ्टवेयर लागू करने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। इसके लिए पंजीयन विभाग द्वारा सभी प्राथमिक तैयारी की जा रही है, जिसमें हार्डवेयर उपकरणों, नेटवर्क लाईन की व्यवस्था के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब जमीनों का पंजीयन सभी दफ्तरों में ई-पंजीयन सॉफ्टवेयर के बदले राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली(एन.जी.डी.आर.एस.) के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी पंजीयन दफ्तरों में इस प्रणाली को आगामी मार्च से पहले अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस सॉफ्टवेयर से जमीनों की खरीदी-बिक्री के पंजीयन में पक्षकारों का कम से कम समय खर्च करने के उद्देश्य से सॉफ्टवेयर की प्रक्रिया को सरल भी किया जा रहा है।
NGDRS प्रणाली आमजनता के लिए सुविधाजनक –
एनजीडीआरएस प्रणाली में दस्तावेजों के पंजीयन के लिए पक्षकार अथवा उसके प्रतिनिधि द्वारा प्रथम बार वेबसाईट https://www.ngdrs.cg.gov.in/NGDRS_CG के सिटीजन पार्ट में ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करने के उपरान्त सिटीजन लॉगिन कर ऑनलाईन उपलब्ध फार्म में पक्षकारों तथा संपत्ति विवरण को भरने पर स्वतः बाजार मूल्य, स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क की गणना हो जाती है। इसके उपरान्त पक्षकारों द्वारा पंजीयन हेतु सुविधानुसार समय एवं तिथि का चयन कर स्वेच्छापूर्वक अपाइन्टमेंट लिया जाकर निर्धारित तिथि में पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होकर मूल दस्तावेज प्रस्तुत किया जाएगा। पंजीयन की सभी कार्यवाही पंजीयन अधिकारियों के द्वारा पंजीयन कार्यालय में संपादित की जायेगी। दस्तावेज के पंजीयन की कार्यवाही अल्प समय में पूर्ण की जाकर, दस्तावेज की स्केनिंग उपरान्त पक्षकार को मूल दस्तावेज की वापसी की जाती है।
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